जग्गी हत्याकांड, अमित जोगी की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, अमित ने दायर की है SLP
Supreme Court News: छत्तीसगढ़ रायपुर निवासी व एनसीपी के कोषाध्यक्ष स्व राम अवतार जग्गी हत्याकांड में गुरूवार को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए हत्याकांड के प्रमुख आरोपी अमित जोगी को दोषी करार दिया है।
बिलासपुर।3 अप्रैल 2026| 23 साल पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 4 जून 2003 को राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विधानसभा चुनाव के बाद जब छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनी, तब मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने हत्याकांड की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई की जांच में यह खुलासा हुआ था, हत्याकांड के पीछे एक गहरी साजिश रची गई थी, जिसमें भाड़े के शूटरों का इस्तेमाल किया गया था। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया, उस दौर के कुछ पुलिस अफसरों ने साक्ष्य को छुपाने और असली आरोपियों को बचाने के लिए झूठे गवाह और फर्जी आरोपी तक तैयार किए थे।
साल 2007 में मामले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत ने तीन पुलिस अधिकारियों को भी दोषी करार दिया था। साल 2007 में मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट ने 28 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साक्ष्य में कमी का हवाला देते हुए अमित जोगी को हत्याकांड से बरी कर दिया था।
सीबीआई की याचिका विलंब से दाखिल करने के कारण हाई कोर्ट ने कर दी थी खारिज
विशेष अदालत के फैसले जिसमें, अमित जोगी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था, सीबीआई ने इसे चुनौती देते हुए थीहाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में तकनीकी खामियों के चलते कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। बता दें, सीबीआई ने 1,373 दिनों की देरी कर दी थी, जिसके चलते हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में तकनीकी आधार पर याचिका खारिज कर दी थी।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
हाई कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और अमित जोगी की रिहाई को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। नवंबर 2025 में मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा,मामले में अमित जोगी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और यह एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की हत्या की साजिश से जुड़ा है। इस टिप्पणी के साथ सीबीआई की याचिका को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट को मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस रिओपन हुआ और गुरुवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन सप्ताह के भी अदालत के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
अमित जोगी के वकील ने हाई कोर्ट को दी थी ये जानकारी
अमित जोगी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विकास वालिया ने हाई कोर्ट को बताया, सुप्रीम कोर्ट द्वारा केस रिओपन करने के आदेश को हमने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसके लिए एसएलपी दायर की है।