ठगी का बेखौफ अंदाज: बैंक कर्मी ने वकील दोस्त से ठगे तीन करोड़, स्कॉटलैंड की महिला बनकर की चैटिंग, पढ़िए फ्रॉड करने की पूरी कहानी

CG Crime News: मौजूदा दौर में यह कहना मुश्किल है, कौन दोस्त और कौन दुश्मन है। तभी तो बैंक कर्मी दोस्त ने अपने ही वकील दोस्त को ठग लिया। ठगी की भी तो हजारों में नहीं लाखों में कर ली। सीधे तीन करोड़ रुपये ठग लिए। बैंक कर्मी ने स्काॅटलैंड की महिला बनकर अपने दोस्त से बात करते रहा और कैंसर हॉस्पिटल खोलके बहाने तीन करोड़ रुपये ठग लिए। 103 करोड़ रुपये मिलने के लालच में वकील दोस्त ने तीन करोड़ रुपये गंवा दिए।

Update: 2026-04-03 10:32 GMT

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बिलासपुर। 3 अप्रैल 2026| मौजूदा दौर में यह कहना मुश्किल है, कौन दोस्त और कौन दुश्मन है। तभी तो बैंक कर्मी दोस्त ने अपने ही वकील दोस्त को ठग लिया। ठगी की भी तो हजारों में नहीं लाखों में कर ली। सीधे तीन करोड़ रुपये ठग लिए। बैंक कर्मी ने स्काॅटलैंड की महिला बनकर अपने दोस्त से बात करते रहा और कैंसर हॉस्पिटल खोलके बहाने तीन करोड़ रुपये ठग लिए। 103 करोड़ रुपये मिलने के लालच में वकील दोस्त ने तीन करोड़ रुपये गंवा दिए।

ठगी का बेखौफ अंदाज सामने आया है। एक ने दूसरे दोस्त को दोतरफा झांसा दिया। विदेशी लड़की बनी और बिलासपुर में कैंसर हॉस्पिटल खोलने का अपना प्लान बताया। 103 करोड़ रुपये का डीडी वकील दोस्त को भेजने का झांसा दिया। स्कॉटलैंड की युवती के झांसे में जब वकील दोस्त पूरी तरह फंस गया तब डीडी क्लियरेंस के लिए प्रोसेसिंग फीस और जरुरी टैक्स के लिए तीन करोड़ रुपये वसूल लिए। वकील दोस्त ने यह राशि बैंक कर्मी दोस्त के बताए बैंक अकाउंट में जमा भी करा दिया।तीन करोड़ देने के बाद 103 करोड़ के डीडी के आने का इंतजार करने लगा। काफी दिनों इंतजार करने के बाद भी जब डीडी नहीं आया तब उसे ठगी का एहसास हुआ और फिर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। ठगी के इस मामले में पुलिस की जांच में चाैंकाने वाली बात सामने आई है। पीड़ित वकील का बैंक कर्मी दोस्त ही ठगी का मास्टर माइंड निकला। बहरहाल बैंक कर्मी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक पीड़ित वकील का नाम अरुण मिश्रा है, उसका दोस्त HDFC बैंक में काम करता है। आरोप है कि उसने ही इस पूरे वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

भरोसा जीतने,दिया नकली डाक्यूमेंट्स

आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए वकील दोस्त को वाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज और ट्रांजेक्शन से जुड़े नकली सबूत भी भेजा था। ताकि पीड़ित को पूरी तरह भरोसा हो जाए और रुपये बैंक अकाउंट में जमा करा दे। हुआ भी यही। डाक्यूमेंट्स देखने के बाद पीड़ित ने बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर कर दिया।

ASP पंकज कुमार पटेल ने बताया, स्कॉटलैंड से 103 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट क्लियर कराने के नाम पर ठगी की गई है। मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।

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