हाई कोर्ट ने हेड मास्टर पदोन्नति पर लगाई रोक, पुराने के नियम के आधार पर की जा रही पदोन्नित को लेकर याचिकाकर्ता शिक्षकों ने लगाई आपत्ति

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने हेड मास्टर पदोन्नति पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने बस्तर संभाग में किए गए प्रधानपाठक पदोन्नति आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

Update: 2026-04-10 08:40 GMT

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बिलासपुर।10 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने हेड मास्टर पदोन्नति पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने बस्तर संभाग में किए गए प्रधानपाठक पदोन्नति आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।अदालत ने प्रथमदृष्टया पाया कि 23 मार्च 2026 का पदोन्नति आदेश निरस्त हो चुके, 2019 नियमों के आधार पर जारी किया गया था, जबकि नए 2026 नियम 13 फरवरी से लागू कर दिया गया है।

दुर्गेश कुमार कश्यप व अन्य शिक्षकों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता देवाशीष तिवारी व राज्य की ओर से अधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने पैरवी की।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दिया ये तर्क

सिंगल बेंच के समक्ष पैरवी करते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता देवाशीष तिवारी ने कहा,पदोन्नति आदेश कानूनी रूप से अमान्य है, इसे पुराने नियमों के तहत जारी किया गया है। अधिवक्ता ने कहा, 2026 के नियमों में TET अनिवार्य योग्यता है, जबकि जिन शिक्षकों को पदोन्नति दी गई, वे TET पास नहीं हैं। अधिवक्ता ने तिवारी ने कहा, शिक्षा विभाग द्वारा जारी पदोन्नति आदेश RTE Act, NCTE विनियम, और सुप्रीम कोर्ट के 2025 के फैसले के खिलाफ है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है, TET के बिना पदोन्नति का कोई हक नहीं। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पदोन्नति आदेश के संचालन व क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।

बता दें, हाई कोर्ट के स्टे के बाद अब हेडमास्टर पदोन्नति प्रक्रिया पर अनिश्चितता बढ़ गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है, नई नियमावली (2026 Rules) और NCTE मानकों के अनुसार ही पदोन्नति प्रक्रिया दोबारा संचालित की जाए।

समग्र शिक्षक संघ ने कहा, सरकार समीक्षा याचिका दाखिल करे

छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष रवीन्द्र राठौर ने कहा, NCTE नियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET अनिवार्य करना बिल्कुल गलत है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पुराने शिक्षकों के हितों को चोट पहुंचाता है। राज्य सरकार तुरंत समीक्षा याचिका दाखिल करे, अन्यथा हमारा संघ स्वयं सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल करेगा।

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