राजनादगांव जैसा खेला प्रदेशभर में चल रहा, आवासीय के लिए डायवर्सन, बैंक में प्रोजेक्ट व रेरा से अनुमति भी, इसके बाद चला बड़ा खेल

CG News: राजनादगांव नगर पालिका और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अफसरों ने मिलकर गजब का खेला किया। बिल्डर्स से मिलीभगत कर आवासीय प्रायोजन के लिए जमीन का डायवर्सन किया, रेरा से लेकर बैंक प्रोजेक्ट में बिल्डर ने आवासीय प्रायेाजन के लिए लोन के दस्तोवज जमा किया।

Update: 2026-04-10 07:45 GMT

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रायपुर। 10 अप्रैल 2026| राजनादगांव नगर पालिका और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अफसरों ने मिलकर गजब का खेला किया। बिल्डर्स से मिलीभगत कर आवासीय प्रायोजन के लिए जमीन का डायवर्सन किया, रेरा से लेकर बैंक प्रोजेक्ट में बिल्डर ने आवासीय प्रायेाजन के लिए लोन के दस्तोवज जमा किया। रेरा ने इसी शर्त पर अनुमति दे दी। जब सबकुछ ओके हो गया तब बिल्डर से बड़ा खेला करते हुए आवासीय की जगह कमर्शियल कॉम्लेक्स तान दिया। शिकायत के बाद अफसरों की मिलीभगत का भांडा फूटा है। पढ़िए इनसाइड स्टोरी, कैसे अफसरों ने कागजों में खेल किया।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश ने 20 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर रोजी सिन्हा, उप संचालक, संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश की अध्यक्षता जांच समिति का गठन किया गया जिसमें रोहित गुप्ता, सहायक संचालक, प्रतीक दीक्षित, सहायक संचालक, आलोक त्रिपाठी, सहायक संचालक को जांच दल के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

जांच समिति को डिप्टी डायरेक्टर ने उपलब्ध नहीं कराया दस्तावेज

समिति के सदस्यों द्वारा उक्त शिकायत की जांच के लिए 28 जनवरी 2025 को दस्तावेजों के परीक्षण हेतु, नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय, राजनांदगांव, एवं संबंधित कॉलोनी का स्थल निरीक्षण किया। कार्यालय निरीक्षण के दौरान, उप संचालक कमला सिंह कार्यालय में उपस्थित नहीं थी एवं उनका मोबाइल बंद था। प्रकरण की मूल नस्ती कार्यालय में उपलब्ध नहीं थी, जिसके संबंध में उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, राजनांदगांव, को मेमो जारी कर 03 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने कहा गया।

उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, राजनांदगांव, के द्वारा आजतलक प्रकरण की मूल नस्ती एवं प्रकरण से संबंधित दस्तावेज समिति के समक्ष उपलब्ध नहीं कराये गये है।

पूर्व नियोजित था कमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने का काम

जांच कमेटी ने साफ कहा है, उपलब्ध विज्ञापनों, प्रचार सामग्री एवं ब्रोशरों के अवलोकन से यह भी स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि उक्त वाणिज्यिक बाज़ार का विकास प्रारंभ से ही नियोजित था और इसे संगठित रूप में क्रियान्वित किया गया।

विकासकर्ता, कॉलोनाइजर द्वारा न तो इस अनधिकृत विकास को रोकने हेतु कोई प्रभावी कदम उठाया गया और न ही संबंधित सक्षम प्राधिकारी को इन गंभीर उल्लंघनों के संबंध में कोई सूचना दी गई। डेवलपर, कॉलोनाइजर की यह निष्क्रियता एवं लापरवाही इस बात की ओर संकेत करती है कि उसे इन अनियमितताओं की पूर्ण जानकारी थी, इसके बावजूद उसने जानबूझकर इनका संज्ञान नहीं लिया। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, स्वीकृत योजना के विरुद्ध किए गए इस वाणिज्यिक विकास में नियमों और शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है तथा इसके लिए विकासकर्ता/कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी, भूमिका और संलिप्तता को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

कलेक्टर राजनांदगाव द्वारा गठित समिति का जाँच प्रतिवेदन

इसके पूर्व भी उक्त शिकायत की जांच हेतु कलेक्टर राजनादंगाव के 15.मई 2024 के द्वारा संयुक्त कलेक्टर राजनांदगाव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी। जिसमें कमला सिंह, उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, एवं दीपक अग्रवाल, प्रभारी सहायक अभियंता, नगर पालिका निगम, राजनांदगांव, को जांच दल के सदस्य के रुप में शामिल किया गया। संयुक्त कलेक्टर राजनांदगाव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा 25 जुलाई 2024 द्वारा उक्त शिकायत के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।

आवासीय काॅलोनी के लिए अफसरों ने दी अनुमति

उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय, राजनादगांव, के 21 जून.2022 द्वारा मेसर्स विस्तार आई.एन.सी. पार्टनर विवेक मिरानी, आत्मज स्व सुरेश मिरानी एवं अन्य के द्वारा ग्राम नंदई प.ह.न. 41 रा.नि.म. राजनांदगाँव तहसील एवं जिला राजनांदगाँव स्थित भूमि खसरा क्रमांक 1175/1, 1175/2, 1175/3, 1174/2, 1174/8, 1174/5, 1174/7, 1166/1, 1166/2, 1187/3, 1166/4, 783/2, 787/3, 800/1. 1166/3, 800/2, 804/4, 1091/1, 1162/5, 1162/7. 1162/4, 1160, 1217/4, 1217/3, 1162/1, 1174/4, 1174/3, 1154/1 कुल खसरा 28, कुल रकबा 2.9011 हेक्टेयर, पर आवासीय (भूखंडीय विकास) प्रयोजन हेतु

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 30 (3) एवं छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 27 के तहत विकास अनुज्ञा जारी की गई है।

आवासीय कॉलोनी हेतु प्रस्तावित भूमि का व्यपवर्तन न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.जस्व) राजनादगांव के प्रकरण क्रमांक 2022006090700115/460/31-2/2021-22 आदेश 18.जुलाई 2022 के द्वारा आवासीय प्रयोजन हेतु किया गया है।

आयुक्त नगर पालिक निगम राजनादगांव के पत्र 05 अगस्त 2022 द्वारा छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 एवं छ.ग. नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्ते) नियम 2013 के तहत आवासीय कॉलोनी विकास हेतु कॉलोनी विकास की अनुमति जारी किया गया है।

कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी का अभिन्यास अनुमोदन एवं कॉलोनी विकास कि अनुमति प्राप्त करने के उपरांत आवासीय भूखण्डों को आवासीय प्रयोजन हेतु विक्रय किया गया। उक्त कॉलोनी में भूखण्डों के क्रेतागणों में से 67 भूखण्ड स्वामियों द्वारा नगर पालिक निगम राजनादगांव में आवास सह व्यवसाय हेतु भवन निमार्ण अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रस्तुत कर भवन निमार्ण अनुज्ञा प्राप्त किया गया। उक्त में से 13 भूखण्ड खण्ड के स्वामियों द्वारा भूखण्ड निर्माण पूर्ण कर लिए जाने पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। नगर पालिक निगम राजनादगांव द्वारा जारी किये गए भवन निर्माण अनुज्ञा के अवलोकन से स्पष्ट है कि सभी अनुज्ञा हेतु प्रस्तुत किये गए ले आउट एवं भवन निर्माण का डिज़ाइन एक ही इंजीनियर द्वारा तैयार किया गया है तथा सभी एक सामान आकर प्रकार के हैं।

कालोनाइजर द्वारा आवासीय भूखण्डों को आवासीय प्रयोजन हेतु विक्रय किया गया जिसमें स्टाम्प डयूटी एवं पंजीयन शुल्क आवासीय प्रयोजन के अनुसार शासन को प्रदाय किया गया है एवं भूमि का व्यपवर्तन भी आवासीय प्रयोजन हेतु शासन द्वारा निर्धारित दर पर कराया गया। मौके पर आवास सह दुकान निमार्ण की अनुज्ञा नगर पालिक निगम राजनादगांव द्वारा जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय के 04 जुलाई 2022 के अधिसूचना द्वारा छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनयम, 1973 की धारा 25 (1), 27, 28, 29, 30, 33, 33-क, 36, 37, 77, 79 के अंतर्गत संचालक नगर तथा ग्राम निवेश की शक्तियों को अनुसूची 1 एवं अनुसूची 2 के अनुसार आयुक्त नगर पालिक निगम को प्रत्यायोजित किया गया। उक्त अधिसूचना में 12 अक्टूबर 2022 को संशोधन कर शर्त क्रमांक- 2. शर्त क्रमांक 3 में संशोधन किया गया तथा शर्त क्रमांक 8. शर्त

क्रमांक 9 नया जोड़ा गया। अधिसूचना से यह स्पष्ट नहीं है कि विकास योजना में स्वीकार्य भू उपयोग के तहत् आवासीय भूमि उपयोग में सुविधायुक्त दुकानों सह मकान की अनुमति दिये जाने की अधिकारिता आयुक्त नगर पालिका निगम को उनके अधिकार क्षेत्र में नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के तहत संचालक की शक्तियां प्रदाय की गई है।

जांच कमेटी ने पकड़ी बड़ी गड़बड़ी

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ के पत्र 04 अगस्त 2011, में स्पष्ट लिखा है, विकास योजना में स्वीकार्य उपयोग के अंतर्गत निर्धारित उपयोग की अनुमति दिए जाने के पूर्व नगर तथा ग्राम निवेश के स्थानीय अधिकारी से अनुज्ञा उपरान्त ही भवन निर्माण अनुज्ञा जारी किया जाये। उक्त पत्र के अनुसार स्वीकार्य भू उपयोग की अनुमति देने हेतु आयुक्त नगर पालिक निगम अपने निगम क्षेत्र में सक्षम अधिकारी नहीं है।

प्रभारी अधिकारी (भवन / नजूल) नगर पालिका निगम राजनादगांव के द्वारा स्वीकार्य प्रयोजन के अंतर्गत भवन निर्माण अनुज्ञा जारी किये जाने में त्रुटि कारित किया गया है, जिसमें आवासीय भू-उपयोग में लगभग 77 व्यवसायिक दुकानों का निर्माण हुआ है। उक्त प्रकरण में राज्य स्तर से नगर तथा ग्राम निवेश छ.ग. के सक्षम अधिकारी की टीम के द्वारा जांच कराया जाकर छ.ग. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 36,37 के अनुसार कार्यवाही किया जाना उचित होगा।

जांच समिति ने पकड़ी बड़ी गड़बड़ी

विकास अनुज्ञा पत्र में प्रकरण के आवक पंजी में 27.मार्च 2020 दर्ज है। आवक पंजी के परीक्षण अनुसार उक्त प्रकरण आवक कमांक 632, 27 मार्च .2020 पर पंजीबद्ध नहीं है तथा आवक पंजी में आवक क्रमांक 632, 633 एवं 634 रिक्त है।

छत्तीसगढ़ शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के पत्र 21 मई .2020 के द्वारा आवासीय कॉलोनी / टाउनशिप के विकास हेतु एकल खिड़की प्रणाली (सी. जी. आवास) लागू किया गया है। उक्त प्रकरण का आवक क्रमांक 632, 27 माच्र 2020 विकास अनुज्ञा पत्र में अंकित है एवं प्रकरण में 21. जून 2022 को विकास अनुज्ञा जारी की गई है, जो एकल खिड़की प्रणाली (सी. जी. आवास) के अंतर्गत जारी नही की गई है।

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 21 (3) (च) के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स पद्वाति से विकास अनुज्ञा एवं भवन अनुज्ञा हेतु ऑनलाईन आवेदन प्राप्त होने पर रुपये 5000/- का शुल्क निर्धारित किया गया है। उक्त प्रकरण एकल खिड़की प्रणाली (सी. जी. आवास) के अंतर्गत नही जारी की गई है। अतः शासन को राजस्व की हानि होने की भी संभावना है।

निगम कमिश्नर को नहीं है अधिकार, अधिकार क्षेत्र से बाहर किया काम

संयुक्त कलेक्टर राजनांदगांव की 25 जुलाई 2024 के रिपोर्ट के अनुसार स्वीकार्य भू उपयोग की अनुमति देने हेतु आयुक्त नगर पालिक निगम अपने निगम क्षेत्र में सक्षम अधिकारी नहीं है। इस प्रकार प्रभारी अधिकारी (भवन / नजूल) नगर पालिका निगम राजनांदगांव के द्वारा स्वीकार्य प्रयोजन के अंतर्गत भवन निर्माण अनुज्ञा जारी किये जाने में त्रुटि कारित किया गया है, जिसमें आवासीय भू-उपयोग में लगभग 77 व्यवसायिक दुकानों का निर्माण हुआ है। उक्त प्रकरण में राज्य स्तर से नगर तथा ग्राम निवेश छ.ग. के सक्षम अधिकारी की टीम के द्वारा जांच कराया जाकर छ.ग. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 36, 37 के अनुसार कार्यवाही किया जाना उचित होगा।

शिकायत की जांच में फूटा भांडा

शिकायतकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा 10 मई 2023 को शिकायत प्रेषित की गयी है, उप संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश, राजनांदगांव द्वारा विस्तार आईएनसी को ग्राम नंदई, पटवारी हल्का नंबर-41, तहसील व जिला राजनांदगाव स्थित भूमि कुल खसरा 28 कुल रकवा 2.9011 हेक्टेयर पर आवासीय (भू-खण्डीय विकास) हेतु अनुज्ञा प्रदान की गयी थी। उक्त भूमि का व्यपवर्तन आवासीय प्रयोजन हेतु कराया गया। रेरा से आवासीय प्रयोजन हेतु रजिस्ट्रेशन कराया गया व बैंक से प्रोजेक्ट को आवासीय प्रयोजन हेतु फाइनेंस कराया गया। भूखंडो की रजिस्ट्री आवासीय प्रयोजन हेतु कराई गयी, किन्तु अंत मे नगर पालिका निगम राजनांदगाँव से मिली भगत करके आवासीय भूखंडो पर व्यावसायिक भवन निर्माण अनुज्ञा भूखंड धारको को दिलवाई गयी।

ये बड़ी गड़बड़ी आई सामने

प्रकरण में जारी विकास अनुज्ञा 21 जून.2022 के अभिन्यास अनुसार निम्न आय वर्ग हेतु 54 एवं 45 वर्गमीटर के भूखंड प्रस्तावित किये गए है, जबकि तत्कालीन प्रचलित छत्तीसगढ़ नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निबंधन तथा शर्ते) नियम, 2013 के अनुसार निम्न आय वर्ग हेतु 90 से 100 वर्गमीटर के भूखंड प्रस्तावित किये जाने है। स्थल निरीक्षण से यह भी प्रतीत होता है कि विकासकर्ता द्वारा निम्न आय वर्ग हेतु प्रस्तावित भूखंडो पर अभिन्यास के विपरीत अधिक क्षेत्रफल के भवन निर्मित किये जा रहे हैं।

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