पूर्व सीएम ने कहा, बस्तर से कैंप क्यों नहीं हटा रही राज्य सरकार, मंत्रियों और विधायकों को इतना ही भरोसा है तो जेड प्लस सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए...

CG Congress Politics: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, जब छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया है तब बस्तर से सुरक्षा बलों के कैंप क्यों नहीं हटाए जा रहे हैं। मंत्री विधायकों को अब किस बात का डर सता रहा है, सुरक्षा घेरा क्यों।

Update: 2026-04-10 09:12 GMT

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बिलासपुर। 10 अप्रैल 2026| पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिल्हा के विधायक धरमलाल कौशिक के भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास परसदा पहुंचे थे। मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व सीएम ने धर्मांतरण कानून और नक्सलवाद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को आड़ेहाथों लिया। पूर्व सीएम ने कहा, ऐसा कौन सा विभाग है जो भ्रष्टाचार के मामले में अछूता हो। ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जहां भ्रष्टाचार नहीं हो रहा है। जांच की बात ही छोड़ दीजिए, जो कोई सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है उसके खिलाफ केस कर आवाज बंद कर दी जाती है, ऐसा कर सरकार एक बड़ा संदेश भी देती है। कोंटा के विधायक कवासी लखमा का उदाहरण पेश करते हुए, लखमा ने करप्शन के खिलाफ आवाज उठाया तो सरकार ने ईडी भेज दी।

लोक निर्माण विभाग पर निशाना साधते हुए कहा, पीडब्ल्यूडी में तो गजब हो रहा है, इस विभाग के अफसर पहले वर्क आर्डर जारी करते हैं फिर टेंडर निकालते हैं। यह अजूबा छत्तीसगढ़ में इस विभाग में हो रहा है। ऐसा क्यों कर रहे हैं इस नई संस्कृित के पीछे का क्या कारण है, सबको अच्छी तरह समझ में आता है।

पूर्व सीएम ने कृषि विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, विभाग अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है। अब सरकारी विभागों की प्राथमिकताएं बदल गई है। नक्सलवाद की समाप्ति के सरकारी दावों पर उन्होंने कहा, यदि भाजपा को अपनी सफलता पर भरोसा है, तो मंत्रियों और विधायकों को अपनी जेड प्लस सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए। पूर्व सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जहां लोगों को पानी नहीं मिल रहा, वहीं गली-गली शराब बेची जा रही है। बस्तियों और गलियों में शराब की नदियां बह रही हैं।

भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने राजनीति करार देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ में जबरिया धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ हमने कार्रवाई की थी। हमारे शासनकाल में कुल 15 शिकायतें हुईं थीं। जिसमें से 8 गलत पाए गए थे। 7 मामले सही पाए गए थे, उसमें कार्रवाई हुई। अभी संशोधित कर केवल सजा बढ़ाई गई है। इससे ज्यादा कुछ नहीं किया है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अभी भी लंबित है। राज्य सरकार को नोटिस मिला हुआ है, उसके बाद भी राज्यपाल दस्तखत कर रहे हैं।

सवाल पूछने पर ईडी आ जाती है

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, मौजूदादौर में सवाल पूछना ही अपराध बन गया है। विधानसभा में सवाल उठाने पर कार्रवाई की जा रही है। बघेल ने कहा कि कवासी लखमा द्वारा सवाल पूछे जाने के बाद उनके घर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेज दिया गया।

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