चुनाव कार्य में लगे अधिकारी,कर्मचारी का आयोग की अनुमति बगैर तबादला अवैध, हाई कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश पर लगाई रोक

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है, चुनाव ड्यूटी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी को भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बगैर स्थानांतरण करना अवैध और मनमाना है।

Update: 2026-04-10 10:00 GMT

फोटो सोर्स- NPG News

बिलासपुर।10 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है, चुनाव ड्यूटी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी को भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बगैर स्थानांतरण करना अवैध और मनमाना है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने याचिकाकर्ता अधिकारी के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा, Representation of the People Act, 1950 की धारा 13CC के तहत चुनाव कार्य में ड्युटी करने वाले अधिकारी व कर्मचारी उस अवधि में चुनाव आयोग के नियंत्रण में होते हैं, इसलिए उनका ट्रांसफर आयोग की अनुमति के बगैर नहीं किया जा सकता।

पढ़िए क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला में कार्यरत एक अधिकारी को भारत निर्वाचन आयोग ने असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग के निर्देश पर वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य SIR में लगे हुए हैं। इसी दौरान राज्य शासन ने उनका तबादला कर दिया गया। राज्य शासन द्वारा जारी तबादला आदेश को चुनौती देते हुए अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट के सिंगल बेंच में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया था। सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील पेश की थी। राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए लॉ अफसर ने कहा, ट्रांसफर आदेश पहले ही लागू हो चुका है और दोनों अधिकारियों ने कार्यभार संभाल लिया है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

जनपद पंचायत के अधिकारी के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच के समक्ष पैरवी करते हुए कहा, चुनाव कार्य के दौरान बिना चुनाव आयोग की अनुमति तबादला करना, नियमों के खिलाफ है।

पढ़िए हाई कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?

राज्य शासन और जनपद पंचायत अधिकारी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है, आर्टिकल 324 भारत के संविधान के तहत चुनाव आयोग को चुनावों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है। निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है। डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में साफ कहा है, SIR कार्य में लगे अधिकारियों का ट्रांसफर भारत निर्वाचन आयोग के बिना अनुमति नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा, सिर्फ आदेश लागू हो जाने से वह वैध नहीं हो जाता, कानून के खिलाफ दिया गया आदेश बाद में सही नहीं ठहराया जा सकता। सिंगल बेंच के फैसले को सही ठहराते हुए हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने राज्य शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को अवैध करार देते हुए सरकार की अपील खारिज कर दी है।

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