तेजस्वी यादव को भी नहीं मिला वेतन, बोले-कर्मचारियों को छोड़ दीजिए, हमें नहीं मिली सैलरी, जानिए कितना है उनका वेतन
Tejaswi Yadav Statement: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें भी सैलरी नहीं मिली है। राज्य सरकार के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने के सवाल पर उन्होंने यह दावा किया।
Tejaswi Yadav Salary News: बिहार में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उन्हें भी सैलरी नहीं मिली है। तेजस्वी यादव ने कहा कि मंत्री और सरकारी कर्मचारियों को छोड़ दीजिए, हमें भी सैलरी नहीं मिली है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा है। राज्य में अराजकता की स्थिति बन गई है। इस सरकार ने बिहार की छवि को नुकसान पहुंचाया है।
बिहार में चरम पर अपराध
राजद नेता ने अररिया के फारबिसगंज में दिनदहाड़े हुई जघन्य हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गई थीं। अब बिहार में अपराध चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, लूट, डकैती की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार मूकदर्शक बनी है। गृह विभाग भाजपा के पास है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की स्थिति का आकलन नीति आयोग की रिपोर्ट से किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन जैसे मुद्दों पर राज्य की स्थिति चिंताजनक बताई गई है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जब वे इन मुद्दों को उठाते हैं तो भाजपा नेता व्यक्तिगत हमले करने लगते हैं।
सिर्फ ऊंची-ऊंची बातें करते हैं भाजपा के नेता
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि भाजपा के नेता सिर्फ ऊंची-ऊंची बातें करते हैं। प्रदेश की जमीनी हकीकत बेहद खराब है। सड़कों से कानून-व्यवस्था तक हर क्षेत्र में स्थिति बिगड़ गई है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे पर तेजस्वी यादव ने चुप्पी साध ली।
तेजस्वी यादव की सैलरी कितनी होगी?
तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। यह पद कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है। ऐसे में मंत्री के बराबर वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। तेजस्वी याव का कुल मासिक वेतन विधायकों से थोड़ा अधिक है। सभी भत्तों को मिलाकर करीब 2.8 लाख है। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सरकार द्वारा उन्हें सुसज्जित बंगला, सरकारी वाहन, ड्राइवर और निजी सचिवालय (स्टाफ) की सुविधा भी दी जाती है। बता दें, एक विधायक का कुल मासिक वेतन लगभग 2,15,000 लाख रुपए है। यह वेतन टैक्स के दायरे में आता है। ऐसे में कटौती के बाद वेतन 1.45 लाख से 1.65 लाख के बीच आती है।