महिला बने मुख्यमंत्री...पटना की मेयर सीता साहू ने की मांग, बोलीं-प्रदेश का तेजी से होगा विकास
Bihar Next CM News : बिहार में नए सीएम को लेकर कई तरह की मांग आ रही है। एक समाज सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहा तो जदयू के कई नेता निशांत कुमार को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहता हैं। वहीं, पटना की मेयर सीता साहू ने महिला नेता को सीएम बनाने की मांग की है।
पटना की मेयर सीता साहू। इमेज-सोशल मीडिया
Bihar Women CM Demand: नीतीश कुमार कल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद नए सीएम के नाम का ऐलान होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री की रेस में कई नाम हैं। इस बीच पटना की मेयर सीता साहू ने कहा है कि अगला मुख्यमंत्री महिला को बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहीं। निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री हैं। अगर, बिहार का मुख्यमंत्री पद भी एक महिला संभाले तो प्रदेश के लिए बहुत अच्छा होगा। पूरे बिहार का बहुत तेजी से विकास होगा। वहीं, डिप्टी मेयर रेश्मि चंद्रवंशी ने कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़े। बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश में महिलाएं प्रतिनिधित्व करें। महिलाएं देश को शिखर पर लेकर जाएंगी।
आज मेयर सीता साहू ने पटना में आयोजित पीएम के नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संवैधानिक संशोधन केवल भारतीय महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण का मुद्दा केवल समानता या प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक नए युग की दस्तक
मेयर सीमा साहू ने यह भी कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम नए युग की दस्तक है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील एवं प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस पहल है। इसके लागू होने का सबसे बड़ा लाभ होगा कि शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव दिखेगा। निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल, स्वच्छता के मुद्दे प्राथमिकता के साथ सामने आएंगे।
लोकतंत्र के केंद्र में महिलाएं
मेयर ने कहा कि आज देश में हर चुनाव में महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान कर रही हैं। हाल के चुनावों में कई जगह महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही है। यह बदलाव दिखाता है कि अब महिलाएं लोकतंत्र के किनारे नहीं, बल्कि उसके केंद्र में हैं। बता दें, साल 2024 तक भारत में कुल मतदाताओं में 48.62% महिलाएं हैं। मतलब 47 करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में 65.78% महिलाओं ने वोट डाला है, जो पुरुषों से थोड़ा ज्यादा है। यह दिखाता है कि महिलाएं लोकतंत्र में ज्यादा सक्रिय हो रहीं।