लखनऊ हत्याकांड : वेब सीरीज देखकर पिता के किए टुकड़े-टुकड़े, बेटे ने रची थी परफेक्ट मर्डर की साजिश, सिर्फ एक गलती ने पहुंचा दिया जेल; ऐसे सामने आया पूरा सच!
Lucknow Murder Case : आशियाना में हुए रूह कंपा देने वाले हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत ने वेब सीरीज वध और यूट्यूब वीडियो देखकर अपने ही पिता के शव के छह टुकड़े कर दिए. लाइसेंसी रायफल से हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए बाजार से आरी खरीदी और दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं. पुलिस कॉल डिटेल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के जरिए इस खौफनाक साजिश की कड़ियों को जोड़ रही है.
लखनऊ हत्याकांड : वेब सीरीज देखकर पिता के किए टुकड़े-टुकड़े, बेटे ने रची थी परफेक्ट मर्डर की साजिश, सिर्फ एक गलती ने पहुंचा दिया जेल; ऐसे सामने आया पूरा सच!
Lucknow Murder Case : लखनऊ : लखनऊ का पॉश इलाका आशियाना इन दिनों एक ऐसी सनसनीखेज वारदात से थर्राया हुआ है, जिसने बाप-बेटे के पवित्र रिश्ते को लहूलुहान कर दिया है. आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह 49 वर्ष की उनके ही सगे बेटे अक्षत ने न केवल हत्या की, बल्कि साक्ष्यों को छिपाने के लिए दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं. पुलिस की तफ्तीश में जो खुलासे हो रहे हैं, वो बेहद चौकाने वाले हैं.
विवाद, गोली और फिर कसाई बना अक्षत
वारदात की शुरुआत 19 फरवरी की रात को हुई. पूछताछ में आरोपी अक्षत ने बताया कि उसके पिता शराब के नशे में थे और घर में गाली-गलौज व मारपीट कर रहे थे. विवाद इतना बढ़ा कि मानवेंद्र ने अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी. इसी गहमागहमी के बीच अक्षत ने राइफल छीन ली और गुस्से में आकर अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया. लेकिन असली खौफनाक मंजर हत्या के बाद शुरू हुआ. पिता की लाश सामने पड़ी थी और बेटे के चेहरे पर पछतावा नहीं, बल्कि उसे ठिकाने लगाने की सनक सवार थी.
वेब सीरीज वध से सीखा शव काटने का तरीका
अक्षत ने पुलिस को बताया कि पिता का शव भारी होने के कारण वह उसे अकेले कार तक नहीं ले जा सकता था. ऐसे में उसने अपराध पर आधारित वेब सीरीज वध देखी, जिसमें शव को टुकड़ों में काटकर ठिकाने लगाने का तरीका दिखाया गया था. इसी से प्रेरणा लेकर अक्षत ने पहले ऑनलाइन चाकू मंगवाया, लेकिन जब उससे हड्डियां नहीं कटीं, तो वह बाजार जाकर दो आरी खरीद लाया. उसने बिना हिचकिचाहट अपने पिता के शरीर के छह टुकड़े कर दिए. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने यूट्यूब पर शव को ठिकाने कैसे लगाएं जैसे वीडियो भी सर्च किए थे.
आई विल हैंडल दिस : बहन से वादा
हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी वारदात के दौरान अक्षत ने अपनी छोटी बहन कृति को भी विश्वास में लेने की कोशिश की. उसने अपनी बहन से कहा, तुम परेशान मत हो, आई विल हैंडल दिस. आरोपी के मन में पिता के प्रति नफरत इतनी ज्यादा थी कि आरी से हड्डियां काटते वक्त भी उसके हाथ नहीं कांपे. वह काफी समय से अपने पिता के व्यवहार से नाराज था और मां की मौत के बाद से घर में तनाव का माहौल बना रहता था.
खून के धब्बे और पुलिस की दबिश ने खोला राज
ADCP पूर्वी अमित कुमावत के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने आशियाना स्थित घर पर सबिश दी तो घर के एक कोने और कार की डिग्गी में खून के कुछ हल्के निशान मिले,फॉरेंसिक जांच में पुष्टि होते ही पुलिस ने अक्षत को हिरासत में ले लिया. कड़ाई से पूछताछ करने पर अक्षत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि पिता की शराब की लत और आए दिन के झगड़ों से तंग आकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
रहस्यों के घेरे में परिवार : सीडीआर से खुलेगी फाइल
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अभी कई पेंच बाकी हैं. कॉलोनी के लोगों का मानना है कि परिवार के अन्य सदस्य कुछ छिपा रहे हैं. वहीं, मृतक मानवेंद्र के पिता ने मीडिया से बात करने से साफ इनकार कर दिया है. अक्षत की मां की मौत को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है, कुछ लोग इसे आत्महत्या बताते हैं तो परिजन बीमारी से हुई मौत कह रहें हैं.
पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगा रही है कि हत्या के बाद अक्षत ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था. पुलिस की फॉरेंसिक टीम और जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस जघन्य हत्याकांड में किसी और बाहरी व्यक्ति का हाथ था या अक्षत ने अकेले ही इस पूरी घटना को अंजाम दिया.