बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने खिलाडियों में आयु धोखाधड़ी रोकने के लिए "स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (VARS)" शुरू की

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने "स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (VARS)" के लिए खिलाडियों को 20 दिन का समय दिया

Update: 2023-06-06 04:13 GMT

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने आयु धोखाधड़ी को रोकने और सुधारने के लिए 6 जून, 2023 से 25 जून, 2023 तक 20 दिनों की अवधि के लिए स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (Voluntary Age Rectification स्कीम/VARS) शुरू की है। इस योजना के तहत महासंघ के साथ पंजीकृत खिलाड़ी, जिन्होंने अपनी उम्र को धोखे से या किसी  और  वजह  से गलत  रजिस्टर्ड कराया है, वे अपनी मूल उम्र में वापस आ सकते हैं।

बीएआई के  जनरल  सेक्रेटरी  संजय मिश्रा ने सभी राज्य संघो को सर्कुलर जारी किया और कहा है कि उम्र में धोखाधड़ी की शिकायतों और इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम और उपाय किए जा रहे हैं। इन उपायों को "आयु सत्यापन" और "दंड संहिता" के लिए BAI की नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में शामिल किया गया है। हाल ही में गुवाहाटी में आयोजित बीएआई की वार्षिक आम बैठक में इन उपायों को पारित किया गया है।

सर्कुलर  के  मुताबिक  बीएआई को एक पारदर्शी और सटीक आयु सत्यापन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए वन टाइम स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (वी एआर एस) की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह योजना उन पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए है जिनके मौजूदा बी एआई पहचान पत्र में जन्मतिथि गलत दर्ज है

सर्कुलर में कहा गया है की जो  खिलाडी  इस  योजना  स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (VARS) को  अपनाना  चाहतें  हैं  उसे अपनी सारी जानकारी जैसे :- अपना करंट BAI आईडी, नाम, राज्य, वर्तमान पंजीकृत जन्म तिथि और नई संशोधित जन्म तिथि के साथ सही जन्म प्रमाण पत्र, अस्पताल डिस्चार्ज कार्ड रिकॉर्ड और आयु प्रमाण दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियों को जन्म तिथि की सही प्रविष्टि के साथ संलग्न करके इन दो E मेल एड्रेस पर भेजना  होगा  "vars@badmintonindia.ऑर्ग" और Cc BAI के जनरल सेक्रेटरी (srsanjaymishra@gmail.com)

भारतीय बैडमिंटन संघ खिलाड़ियों से उनकी उम्र की प्रामाणिकता को सत्यापित करने के लिए, यदि आवश्यक समझा जाए, तो अन्य अतिरिक्त दस्तावेजों भी मांग सकता है। खिलाड़ी को ऐसे दस्तावेज निर्धारित समय सीमा में जमा करने पड़ेंगे।

सर्कुलर के अनुसार "बीएआई खेल के भीतर निष्पक्षता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।"और बीएआई भेजे जाने वाले दस्तावेजों को गोपनीयता रखेगा और इन्हे किसी भी सार्वजनिक डोमेन में नहीं प्रकाशित किया जाएगा।

सर्कुलर में कहा गया है की जिन खिलाड़िओं की जन्मतिथि में सफलता पूर्वक सुधार हो जाएगा , उनका रिकॉर्ड बीएआई डेटाबेस/बीएआई वेबसाइट में अपडेट कर दिया जाएगा और उन्हे राज्य संघों में भी भेज दिया जाएगा। फिर वही सुधरी हुई नई जन्मतिथि बीएआई के सभी मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट में मानी जाएगी।

सर्कुलर में कहा गया है कि खिलाड़ी को इस योजना का लाभ लेना चाहिए , ताकि गलतियों को सुधारा जा सके । और साथ ही साथ चेतावनी भी जारी करते हुए कहा BAI द्वारा घोषित नए SOP के अनुसार यह पहला और आखिरी मौका है जो खिलाड़ी इस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे और बाद में आयु धोखाधड़ी में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें बीएआई द्वारा अनुमोदित सभी स्थानीय, राज्य, अखिल भारतीय और अन्तर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों से 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। उस दण्डित खिलाडी की BAI आईडी को भी 2 साल के लिए निष्क्रिय कर दिया जाएगा। इस धोखाधड़ी में शामिल माता-पिता या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी और संभावित अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रतिबन्ध ख़त्म होने के दो साल बाद, वो खिलाड़ी फिर केवल सीनियर टूर्नामेंटों में ही भाग ले पाएगा। VARS योजना का लाभ उठाने वाले माता-पिता अगर दूसरी बार उम्र धोखाधड़ी मैं पकड़े गए तो उस खिलाडी पर 5 साल का प्रतिबन्ध लगेगा।

उम्र में धोखाधड़ी को रोकने के लिए सर्कुलर में कहा गया है कि भविष्य में सभी संदिग्ध खिलाड़ियों की उम्र की पुष्टि के लिए TW3 या बीएआई अधिकृत केंद्रों पर चिकित्सकीय जांच की जाएगी।

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