ICC T20 World Cup 2026 Ke Vivad Ki Puri Kahani: आईसीसी T20 वर्ल्ड कप को लेकर हुए विवाद की पूरी कहानी, शुरू से लेकर अंत! जानिए कैसे पाकिस्तान ने लिया यू टर्न
ICC T20 World Cup 2026 Ke Vivad Ki Puri Kahani: 2026 का यह T20 वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट मैच ही नहीं रह गया है बल्कि यह कई देशों के बीच राजनीतिक दरारों और तनावों का भी कारण बना गया है। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा विवाद आज तक नहीं हुआ कि एक साथ 3 से 4 देशों के क्रिकेट बोर्ड्स और राजनीतिक संगठन एक साथ टकराए हो। आइए जानते है कि आईसीसी T20 वर्ल्ड कप को लेकर यह विवाद किन किन देशों के बीच है और यह भी जानेंगे कि कैसे एक छोटी सी बात ने इतना बड़ा अंतर्राष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया।
ICC T20 World Cup 2026
ICC T20 World Cup 2026 Ke Vivad Ki Puri Kahani: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का इंतज़ार सभी क्रिकेट प्रेमियों को काफी लंबे समय से था फिर 7 फरवरी से 8 मार्च 2026 तक ICC ने मैच की डेट निर्धारित की और यह टूर्नामेंट भारत vs अमेरिका के मैच से शुरू हुआ। इस टूर्नामेंट में कुल 20 टीमें होंगी और कुल 55 मैच खेले जाएंगे। साथ ही इन सभी टीमों को 4 समूहों में भी विभाजित किया गया है। लेकिन 2026 का यह T20 वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट मैच ही नहीं रह गया है बल्कि यह कई देशों के बीच राजनीतिक दरारों और तनावों का भी कारण बना गया है। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा विवाद आज तक नहीं हुआ कि एक साथ 3 से 4 देशों के क्रिकेट बोर्ड्स और राजनीतिक संगठन एक साथ टकराए हो। आइए जानते है कि आईसीसी T20 वर्ल्ड कप को लेकर यह विवाद किन किन देशों के बीच है और यह भी जानेंगे कि कैसे एक छोटी सी बात ने इतना बड़ा अंतर्राष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया।
T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर हुए विवाद की शुरुआत
इस टूर्नामेंट को लेकर हुए विवाद की शुरुआत जनवरी 2026 में हुए टाटा आईपीएल(IPL) के बिडिंग से होती है जब KKR ने बांग्लादेश के एक प्लेयर(बॉलर) मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम में रख लिया। फिर क्या था भारत के क्रिकेट फैंस को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार याद आ गए और इन्होंने इस चीज को लेकर काफी नाराजगी जताई साथ ही मुस्तफिजुर रहमान का विरोध भी करने लगे। फिर KKR ने
अपने इस तेज गेंदबाज को अपनी टीम से रिलीज कर दिया साथ ही भारत ने ये भी ऐलान कर दिया कि किसी भी बंग्लादेशी प्लेयर को IPL के बिडिंग में शामिल नहीं किया जायेगा। भारत के इस फैसले से बांग्लादेश को काफी बुरा लगा और बांग्लादेश ने TATA IPL का प्रसारण अपने देश में करने से मना कर दिया ताकि ipl को नुकसान हो।
बांग्लादेश इतने में ही नहीं रुका बल्कि वहां के नेता और क्रिकेट बोर्ड्स के अधिकारियों ने यह बयान भी जारी किया कि जो आईसीसी वर्ल्ड कप अभी भारत और श्रीलंका में होने जा रहा है उसमें बांग्लादेश शामिल नहीं होगा और इसका पूरा विरोध करेगा। चूंकि बांग्लादेश में फरवरी के महीने में चुनाव है जिस वजह से इस मुद्दे को और ज्यादा उठाया जा रहा है और यह कोशिश की जा रही है कि इस मुद्दे को एक वोट बैंक की तरह राजनीति में उपयोग किया जा सके।
बांग्लादेश की आईसीसी से मांग
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड(BCB) ने ICC के समक्ष मुस्तफिजुर रहमान के साथ पूरे बांग्लादेशी प्लेयर को आईपीएल से बैन करने को एक सुरक्षा खतरे के रूप में उपयोग किया है। 7, 9, 14, और 17 फरवरी को चार मैच बांग्लादेश के भारत में आयोजित होने थे। इन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को एक लैटर लिखकर यह मांग की थी कि जिस तरह से भारत और पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में हो रहे हैं ठीक उसी प्रकार हमारा भी मैच भारत में छोड़कर किसी अन्य स्थान में आयोजित हो। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की इस मांग के पीछे तर्क था कि वे केवल अपने खिलाड़ियों के सुरक्षा की मांग कर रहे है।
बांग्लादेश की मांग पर आईसीसी का निर्णय
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बांग्लादेश की मांगों को लेकर गंभीरता से विचार विमर्श किया और भारत में एक सुरक्षा परीक्षण भी करवाया और इस पूरे परीक्षण के बाद ICC ने बांग्लादेश को कहा कि उन्हें भारत में किसी भी प्रकार के सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह फैसला सुनाते हुए आईसीसी ने बांग्लादेश की मांगों को खारिज कर दिया। बांग्लादेश के सरकार ने आईसीसी के फैसले के बाद अपनी टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 में भेजने से आधिकारिक तौर पर इनकार कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि बांग्लादेश क्वालीफाई करने के बावजूद T20 वर्ल्ड कप न खेल रहा हो। बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद स्कॉटलैंड को खेलने का मौका मिला है, ऐसा इसलिए क्योंकि स्कॉटलैंड आखिरी क्वालीफाई करने वाली टीम के तुरंत बाद की टीम थी।
पाकिस्तान के इस फैसले से हुआ बवाल
पूर्वी पाकिस्तान जो कि पहले पाकिस्तान का हिस्सा हुआ करता था और वह आज बांग्लादेश है। इसके समर्थन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कुछ ऐसी घोषणा की है जिसने क्रिकेट की दुनिया में हलचल मचा दिया है। इन्होंने 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में होने वाले भारत बनाम पाकिस्तान मैच को बहिष्कार करने का आदेश दिया है। उनका यह बयान साफ दर्शाता है कि वे बांग्लादेश के समर्थन में है। इतना ही नहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने ICC पर आरोप लगाया है कि बांग्लादेश को लेकर उनका फैसला तर्कपूर्ण नहीं है और यह भी कहा कि किसी भी खिलाड़ी को बिना सुरक्षा के खेलने पर मजबूर नहीं किया जा सकता। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला कोई भी मैच काफी रोमांचक और आर्थिक रूप से अधिक धन कमाने वाला होता है लेकिन पाकिस्तान के इस फैसले से यह सब बर्बाद हो सकता है।
पाकिस्तान के इस निर्णय के बाद आईसीसी ने इस मुद्दे को काफी गंभीरता से लिया है और पाकिस्तान को यह चेतावनी दी है कि यदि वह आईसीसी T20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारी जुर्माने के साथ हमेशा के लिए बैन कर दिया जाएगा और उनके किसी भी खिलाड़ी को अन्य देशों में खेलने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही पाकिस्तान में होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में कोई भी बाहरी खिलाड़ी शामिल नहीं होंगे और भविष्य में कोई भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी पाकिस्तान को नहीं दी जाएगी।
लाहौर में हुई थी आईसीसी के साथ एक गुप्त मीटिंग
जब बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों की ही दालें ICC के सामने नहीं गली, तो इन दोनों देशों ने ICC के साथ लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में एक गुप्त मीटिंग करने का फैसला किया। जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम, आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और पाकिस्तान की ओर से मोहसिन नक़वी शामिल हुए। 4 से 5 घंटे तक चली इस बैठक में पाकिस्तान ने कुछ प्रमुख मांगे रखी।
1. बांग्लादेश का टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद भी उसे पूरा भागीदारी शुल्क दिया जाए।
2. पाकिस्तान ने यह भी मांग किया कि बांग्लादेश को सामान्य से अधिक क्षतिपूर्ति दिया जाए।
3. भविष्य में अन्य किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका बांग्लादेश को दिया जाए।
आईसीसी ने इस पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि बांग्लादेश पर किसी भी प्रकार का वित्तीय दंड नहीं लगाया जाएगा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की सदस्यता भी पूरी तरह बनी रहेगी। साथ ही 2028 से 2031 के बीच होने वाले कुछ टूर्नामेंट कि मेजबानी भी बांग्लादेश कर सकता है। पाकिस्तान की अपील के बाद बांग्लादेश को आईसीसी से काफी राहत मिली जिस पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया और कहा कि दोनों देशों में भाईचारा बना रहना चाहिए। बांग्लादेश की इस अपील को पाकिस्तान द्वारा करवाया गया एक राजनीतिक चाल माना जा रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि साफ सुथरी नजर आए।
पूरे विवाद पर श्रीलंका ने क्या कहा
विवाद की शुरुआत से लेकर अब तक श्रीलंका ने अपने आप को न्यूट्रल ही दिखाया है। इन्होंने किसी भी एक देश के प्रति आधिकारिक तौर पर अपना रुझान प्रदर्शित नहीं किया। लेकिन श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने एक चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान को मैच खेलने के लिए अपील जरूर किया था और और पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस मुद्दे को सुलझाने पर विचार भी किए थे। चूंकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत तीनों ही देश श्रीलंका के मित्र राष्ट्र हैं और श्रीलंका इस टूर्नामेंट का सह मेजबान देश भी है इसलिए किसी एक का पक्ष न लेकर इसने विवाद को थोड़ा संभाला हुआ है। पाकिस्तान ने भी आईसीसी की चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया है और उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का निर्णय किया।
आईसीसी टूर्नामेंट न खेलने पर बांग्लादेश को होने वाले संभावित नुकसान
- बांग्लादेश के मैच न खेलने पर आईसीसी रैंकिंग काफी नीचे जा सकती है।
- बांग्लादेश का भारत जैसे बड़े देश के साथ संबंध खराब हो सकता है।
- आईपीएल (IPL) जैसे बड़े टूर्नामेंट में बांग्लादेशी प्लेयर्स को परमानेंट बैन किया जा सकता है।
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड(BCB) और उसके प्लेयर्स की मुख्य कमाई आईसीसी के टूर्नामेंट से ही होती है जो की पूरी तरह से बंद हो सकती है।
- BCB ज्यादा अमीर बोर्ड नहीं है और इसकी वजह से प्लेयर्स पर यदि पूर्णतः बैन लगता है तो बोर्ड को अपने ही लोगों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है।
- क्रिकेट की दुनिया में बांग्लादेश का भविष्य और भी अंधकार में जा सकता है क्योंकि T20 वर्ल्ड कप 2026 के विवादों को लेकर हुए आईसीसी के वोटिंग में 14 वोट भारत को मिले और सिर्फ 2 वोट बांग्लादेश के पक्ष में थे।