Ola Engineer Suicide: ओला इलेक्ट्रिक के इंजीनियर ने की आत्महत्या, संस्थापक भावेश अग्रवाल समेत अधिकारियों पर FIR दर्ज, 28 पन्नों के सुसाइड नोट से हड़कंप

Ola Engineer Suicide: बेंगलुरु में ओला इलेक्ट्रिक के इंजीनियर के. अरविंद ने आत्महत्या की। 28 पन्नों के सुसाइड नोट में भावेश अग्रवाल समेत कई अधिकारियों पर आरोप। कंपनी ने आरोपों से इनकार किया।

Update: 2025-10-20 11:53 GMT

नई दिल्ली। बेंगलुरु में ओला इलेक्ट्रिक के 38 वर्षीय इंजीनियर के. अरविंद ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस को 28 पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें कंपनी के संस्थापक भावेश अग्रवाल और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। अरविंद के भाई ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है। वहीं ओला कंपनी ने इन आरोपों का सिरे से खंडन किया है और कहा है कि मृतक ने कभी कोई शिकायत नहीं की थी।

2022 से ओला इलेक्ट्रिक में थे कार्यरत

पुलिस के अनुसार, के. अरविंद बेंगलुरु के चिक्कलसंद्रा इलाके में रहते थे और ओला इलेक्ट्रिक के होमोलॉगेशन इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे। 28 सितंबर को उन्होंने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ सेवन किया। उन्हें गंभीर हालत में महाराजा अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

भाई को मिला 28 पन्नों का सुसाइड नोट

घटना के बाद परिवार को 28 पन्नों का सुसाइड नोट मिला, जिसमें अरविंद ने कंपनी के भीतर मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार का जिक्र किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि उन्हें सैलरी रोकने और निरंतर दबाव डालने की धमकी दी जाती थी। अरविंद के भाई ने बताया कि उनकी मौत के दो दिन बाद उनके खाते में 17 लाख 46 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए, जिसकी वजह स्पष्ट नहीं की गई।

FIR में भावेश अग्रवाल समेत कई अधिकारियों के नाम

अरविंद के भाई ने 6 अक्टूबर को बेंगलुरु के स्थानीय थाने में FIR दर्ज कराई। शिकायत में कंपनी के संस्थापक भावेश अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारी सुब्रत कुमार दास, और कुछ अन्य प्रबंधकों के नाम शामिल हैं। FIR में मानसिक प्रताड़ना और पेशेवर दबाव से आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं।

कंपनी का बयान: आरोप बेबुनियाद

ओला इलेक्ट्रिक ने आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी अपने कर्मचारी की मृत्यु से गहराई से दुखी है और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती है। बयान में कहा गया, हमारे कर्मचारी अरविंद लगभग साढ़े तीन साल से कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन से उनका सीधा संपर्क नहीं था। कंपनी ने यह भी कहा है कि FIR में लगाए गए आरोपों को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

पुलिस जांच जारी

बेंगलुरु पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फॉरेंसिक टीम ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और कंपनी अधिकारियों से बयान दर्ज करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

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