ईरान-इजराइल जंग: इंतजार का वक्त नहीं, हमें बाहर निकालिए... ईरान में बमबारी के बीच फंसे भारतीय छात्रों की MEA से लगाई गुहार, वीडियो जारी कर मांगी मदद

Indian students in Iran: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद हालात बिगड़ गए हैं। वहां फंसे भारतीय छात्रों ने वीडियो जारी कर MEA से सुरक्षित निकालने की गुहार लगाई है।

Update: 2026-02-28 12:04 GMT

नई दिल्ली 28 फरवरी 2026: शनिवार को अमेरिका (US) और इजरायल (Israel) द्वारा ईरान पर किए गए अचानक और बड़े हमले के बाद वहां हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरानी शहरों में लगातार हो रहे धमाकों के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों ने एक वीडियो संदेश जारी कर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ईरान स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने भी अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।

हमें नहीं पता अगला पल कैसा होगा

हमले के बीच खौफ के साए में जी रहे भारतीय छात्रों ने जो वीडियो जारी किया है, उसमें उनकी घबराहट साफ देखी जा सकती है। छात्रों का कहना है कि वे शब्दों में बयां नहीं कर सकते कि वहां जमीन पर क्या हालात हैं और लगातार हवाई हमले (Airstrikes) हो रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि अब इंतजार करने का समय नहीं बचा है इसलिए भारत सरकार जल्द से जल्द उनके सुरक्षित रेस्क्यू (Evacuation) का इंतजाम करे।

दूतावास की नई एडवाइजरी: 'घरों के अंदर ही रहें'

ईरान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक ताजा पोस्ट के जरिए सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा है-

  • नागरिक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और जहां तक संभव हो, सुरक्षित रूप से घरों के अंदर ही रहें।
  • सभी लोग स्थानीय खबरों पर नजर बनाए रखें और अपने आसपास की स्थिति को लेकर अलर्ट रहें।
  • दूतावास के अगले निर्देशों का इंतजार करें।

5 मार्च की परीक्षा ने बढ़ाई मेडिकल छात्रों की मुसीबत

दरअसल,भारत सरकार ने तनाव की आहट को भांपते हुए सोमवार, 23 फरवरी को ही एक अलर्ट जारी कर दिया था। उस एडवाइजरी में ईरान में रह रहे सभी भारतीयों से कमर्शियल उड़ानों (Commercial Flights) या अन्य उपलब्ध साधनों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की गई थी। जनवरी के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक ईरान में करीब 10,000 से ज्यादा भारतीय रह रहे थे।

छात्र वापस क्यों नहीं लौटे?
23 फरवरी के अलर्ट के बावजूद कई भारतीय छात्र खासकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र, वहां से नहीं निकल सके। इसका मुख्य कारण उनकी आगामी परीक्षाएं हैं। छात्रों के मुताबिक 5 मार्च को उनकी एक बेहद अहम परीक्षा (Medical Exam) होने वाली है। इस परीक्षा को पास करने के बाद ही उन्हें स्थानीय अस्पतालों में मेडिकल प्रैक्टिस करने की अनुमति मिलेगी। अपने करियर के इसी क्रुशल पड़ाव की वजह से वे ईरान में रुकने को मजबूर हुए और अब युद्ध में फंस गए हैं।

FAQ: ईरान में फंसे भारतीयों से जुड़े मुख्य सवाल

Q: ईरान में फंसे भारतीय छात्रों ने क्या अपील की है?

A: छात्रों ने वीडियो जारी कर भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) से अपील की है कि हालात बेहद खराब हैं और उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित निकाला जाए।

Q: भारतीय दूतावास ने अपनी ताजा एडवाइजरी में क्या कहा है?

A: दूतावास ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों को अनावश्यक आवाजाही से बचने, घरों के अंदर सुरक्षित रहने और अगले निर्देशों का इंतजार करने को कहा है।

Q: भारत सरकार की पुरानी एडवाइजरी के बावजूद छात्र वहां क्यों रुके हुए थे?

A: मेडिकल की पढ़ाई कर रहे कई छात्रों की 5 मार्च को एक जरूरी परीक्षा है, जिसे पास करने पर ही उन्हें अस्पताल में प्रैक्टिस की अनुमति मिलेगी। इसी परीक्षा के कारण वे ईरान नहीं छोड़ सके थे।

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