मध्य प्रदेश में ओले-बारिश का कहर: बिजली गिरने से 4 की मौत, अगले 13 घंटे बेहद भारी, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, घर से निकलने से पहले पढ़ें अपडेट
MP Weather Today 4 April 2026: मध्य प्रदेश में मौसम का कहर। सिवनी-रीवा में बिजली गिरने से 4 की मौत। ग्वालियर, बैतूल समेत 8 जिलों में ओलावृष्टि और 60kmph आंधी का अलर्ट।
भोपाल 4 अप्रैल 2026। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के आधे से ज्यादा इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश भर में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम के इस रौद्र रूप के चलते सिवनी और रीवा जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने ताजा फोरकास्ट जारी करते हुए प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सिवनी और रीवा में आकाशीय बिजली का कहर
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मौसम बिगड़ गया। जानकारी के अनुसार सिवनी और रीवा जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश हुई और इसी दौरान आकाशीय बिजली (Lightning Strike) की चपेट में आने से 4 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें।
अगले 13 घंटे भारी: 8 जिलों में आंधी और ओले का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा वेदर अलर्ट के मुताबिक अगले 13 घंटों तक राज्य के कई जिलों में हालात गंभीर रह सकते हैं। ग्वालियर, बैतूल, मुरैना, टीकमगढ़, श्योपुर कलां, कुनो, भिंड, निवाड़ी और ओरछा में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है। इस तूफानी हवा के कारण कच्चे मकानों पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
इन जिलों में गरज-चमक और बारिश के आसार
ओले और भारी तूफान के अलावा, प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार दतिया, रतनगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, भोपाल, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, धार, सीहोर, देवास, विदिशा और उदयगिरि में अगले 12 घंटों के दौरान हल्की आंधी के साथ बिजली कड़कने और बारिश होने की पूरी संभावना है।
किसानों की बढ़ी चिंता, प्रशासन मुस्तैद
अप्रैल के महीने में इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि खेतों में रबी की फसल (खासकर गेहूं और चना) कटाई के लिए तैयार खड़ी है। ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान का अंदेशा है। इस बीच राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए हैं।