बच्चों के पेट में कीड़े होने पर न करें ये लापरवाही, वरना पड़ सकते हैं मिर्गी के दौरे। जानिए बच्चों में कीड़े होने के लक्षण और कुछ जरूरी सावधानियां
Bachon ke pet mein kide kyo paida hote hai: छोटे बच्चों में एक समस्या बहुत ही आम है वह है पेट में कीड़े हों जाना। जब भी ऐसा होता है तो बच्चे के पेट में दर्द, आंखें लाल और बच्चा लगातार रोता रहता है। शुरुआत में इसका असर ज्यादा दिखाई नहीं देता है लेकिन यह एक गंभीर समस्या बन सकती है।
इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News
Bachon ke pet mein kide kyo paida hote hai: छोटे बच्चों में उनकी सेहत को लेकर पेरेंट्स को काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई बार बच्चे ठीक तरह से बता भी नहीं पाते कि उन्हें क्या समस्या है ऐसे में यदि माता-पिता उनके भावों को नहीं समझते है और कुछ चीजों को सामान्य ही मान लेते है तो यह बच्चे के स्वास्थ्य पर हानिकारक असर डाल सकता है। भारत के संदर्भ में देखें तो छोटे बच्चों में एक समस्या बहुत ही आम है वह है पेट में कीड़े हों जाना। जब भी ऐसा होता है तो बच्चे के पेट में दर्द, आंखें लाल और बच्चा लगातार रोता रहता है। शुरुआत में इसका असर ज्यादा दिखाई नहीं देता है लेकिन यह एक गंभीर समस्या बन सकती है।
बच्चों के पेट में कैसे पैदा होते हैं कीड़े
जब भी हम ऐसा कहते हैं कि बच्चों के पेट में कीड़े हो गए हैं तो इसका मतलब यह है कि यह परजीवी कीड़े बच्चों की आंतों में रहकर उनका सारा पोषण नष्ट कर देते हैं। इसके वजह से बच्चों का विकास और वृद्धि दोनों ही प्रभावित होता है। बच्चों में इन कीड़ों की चार प्रजातियां पाई जाती हैं–
1. पिनवर्म– बच्चों की गुदा द्वार में खुजली होना।
2. राउंडवर्म– यह बच्चों में पेट दर्द और दस्त का कारण बनता है।
3. टेपवर्म– इससे बच्चे पीलिया, उल्टी और भूख में कमी का शिकार हो जाते हैं।
4. व्हिपवर्म– यह कीड़े बच्चों की पोषण क्षमता को कम करते है।
बाहरी वातावरण में जिस भी स्थान पर गंदगी होती है वहां यह कीड़े पैदा हो जाते हैं और बच्चे जब इसी तरह के संक्रमित जगह में जैसे की मैदान, घर के आसपास के खेत, मिट्टी वाले स्थान में जब खेलने जाते हैं तो यह कीड़े बच्चों को मुख के जरिए अपना शिकार बना लेते हैं। कई बार पालतू जानवरों के साथ खेलते वक्त भी बच्चे उन्हें छूने के बाद अपना हाथ मुंह में डाल देते हैं साथ ही बहुत ज्यादा मीठा खाने से भी पेट में कीड़े पैदा हो जाते हैं।
पेट में कीड़े होने पर बच्चों में दिखते हैं यह लक्षण
- शुरुआत में इनकी संख्या बहुत कम होती है इसलिए इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते।
- कुछ समय बाद जब बच्चों की आंत में यह कीड़े अपनी संख्या बढ़ाते हैं तो बच्चों में रुक– रुक कर पेट दर्द होने की समस्या शुरू हो जाती है।
- मांसपेशियों पर दबाव और ऐठन भी होने लगता है।
- बच्चों को खाना खिलाने के बाद यह दर्द और भी ज्यादा बढ़ सकता है।
- पिनवर्म से ग्रसित बच्चों के गुदा द्वार में रात के समय अधिक खुजली होने लगती है और रात के समय बच्चा ठीक से सो नहीं पाता।
- बच्चों में अचानक भूख और वजन की कमी होना।
- बच्चों के मल त्याग के दौरान भी कीड़े नजर आते हैं जो इस बात का शत प्रतिशत संकेत है कि बच्चों के पेट में कीड़े हो चुके हैं।
- यदि बच्चे लगातार चिड़चिड़ा और थकान महसूस कर रहे हैं साथ ही उनकी आंखें भी पीली या लाल दिखाई दे रही हैं तो यह भी इसका लक्षण हो सकता है।
- मुंह से बदबू, खांसी और बुखार आना।
इन जरूरी सावधानियो का रखें ध्यान
बच्चों के पेट में कीड़े होने की समस्या शुरुआती दौर में काफी सामान्य होती है लेकिन इसका इलाज सही समय पर नहीं किया गया तो यह बच्चों के मस्तिष्क तक भी पहुंच सकता है जो उन्हें फेफड़ों और लीवर की समस्या के साथ मिर्गी के दौर भी दे सकता है। इसलिए जब भी घर में छोटे बच्चे हो तो उन्हें हमेशा स्वच्छ वातावरण में ही रखना चाहिए साथ ही उन्हें यह शिक्षा दें कि बाहर से जब भी घर आए तो अपने हाथों और पैरों को साबुन से अच्छी तरह धोएं। घर के बाहर खेलते वक्त अपनी हाथों को मुंह में कभी ना ले जाएं। बाहर का गंदा पानी और अनहाइजीनिक भोजन का सेवन न करें। बच्चा जो भी कपड़े पहनता है उसे अच्छी तरह धोएं साथ ही उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले बाथरूम को भी अच्छी तरह साफ रखें। इन कीड़ों को लेकर ज्यादा चिंता की बात नहीं है क्योंकि यह बीमारी जल्द ही ठीक हो जाती है इसलिए ढील न बरतते हुए बच्चों में इसके शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।