NPG की खबर पर मुहर: स्वास्थ्य सेवाओं में छत्तीसगढ़ का बड़ा काम, फटाफट होंगे अब पैथो टेस्ट, पहली लैब 14 से जगदलपुर में...

केंद्र के उपक्रम HLL लाइफकेयर लिमिटेड के साथ एमओयू,1051 स्वास्थ्य संस्थानों में मिलेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं। जांच रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर, अत्याधुनिक मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और कमांड सेंटर से होगी निगरानी।

Update: 2026-04-02 13:59 GMT

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देते हुए आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की गई है। भारत सरकार के उपक्रम HLL Lifecare Limited के साथ एमओयू कर राज्य में अटल आरोग्य लैब के रूप मे संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सदैव रहा है, और इसी संकल्प को धरातल पर उतारते हुए यह पहल स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य कर रही है। योजना के अंतर्गत पहली लैब का शुभारंभ 14 अप्रैल 2026 को जिला जगदलपुर से किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत छत्तीसगढ़ इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक मैनेजमेंट सिस्टम (CGIDMS) विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से राज्यभर में “हब एंड स्पोक” मॉडल पर आधारित एक मजबूत जांच नेटवर्क तैयार होगा। इसमें स्टेट रेफरल लैब, 4 संभागीय लैब, 33 जिला लैब, 12 सिविल अस्पताल लैब तथा 187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर की लैब को जोड़ा जाएगा, जबकि 814 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैंपल कलेक्शन केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। इस तरह कुल 1051 स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को भी अपने क्षेत्र में ही उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पतालों में 134, सिविल अस्पतालों में 111, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 97 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 64 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पैथोलॉजी से लेकर मॉलिक्यूलर जांच तक की सेवाएं अब एक ही सिस्टम के अंतर्गत मिलेंगी। आधुनिक तकनीक से लैस इन लैब्स में जांच रिपोर्ट कम समय में तैयार होकर सीधे मरीज के मोबाइल में उपलब्ध होगी, जिससे उपचार में तेजी आएगी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है-जिला स्तर की लैब शीघ्र प्रारंभ होंगी और आगामी तीन माह में पूरा नेटवर्क क्रियाशील हो जाएगा। इसके साथ ही एक अत्याधुनिक मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे जांच सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोग पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी।

इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी स्तरों पर नियमित समीक्षा एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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