दो साल में छत्तीसगढ़ में शुरू हो जाएगी एक और रेल लाइन, 100 साल बाद मिलेगी बड़ी सौगात

Railway Line News: छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार ने रेलवे सेक्टर में कई बड़े प्रोजेक्ट दिए हैं। इनमें से कई में काम शुरू हो चुके हैं और उम्मीद की जा रही है कि नागपुर से चिरमिरी के बीच की नई रेल लाइन पर वर्ष 2028 में ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इसका काम तेज गति से चल रहा है।

Update: 2026-04-02 14:34 GMT

Railway Line News: बिलासपुर। रेल मंत्रालय ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले में चिरमिरी से नागपुर हाल्ट नई बड़ी रेल लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट पर तेज गति से काम चल रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद इलाके को एक बड़ी सौगात मिल जाएगी। इस रेल लाइन की लंबाई करीब 17 किमी है और यह चिरमिरी रेलवे स्टेशन से सीधे मुंबई- कोलकाता मेन लाइन से जुड जाएगी। जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी करीब-करीब समाप्ति की ओर है। रेल लाइन निर्माण के लिए 36 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है और इससे प्रभावित भूस्वामियों के लिए मुआवजा राशि में बढ़ोतरी भी की जा चुकी है।

रेल लाइन प्रारंभ हो जाने से छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से रेल संपर्क इलाके का बढ़ जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि यहां से आधा दर्जन ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इस रेल लाइन से चिरमिरी की खदानों से आसानी से कोयला परिवहन हो सकेगा और साथ ही इलाके के लोगों को ट्रेन की सुविधा मिल सकेगी। ज्ञात हो कि मनेंद्रगढ़ को चिरमिरी से बरवाडीह रेल लाइन मार्ग से जोड़ने के लिए 2013 से ही प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। बीच में आवंटन न मिलने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया धीमी चलने के कारण कोई प्रगति नहीं हो सकी।

अब मिली जानकारी के अनुसार सर्वे कर सीमांकन पत्थर लगाया जा चुका है। साथ ही एमसीबी कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से रेलवे बोर्ड दिल्ली को भूमि अधिग्रहण के लिए 16.92 करोड़ का मुआवजा पत्रक भी भेजा जा चुका है। सर्वे का काम अंतिम चरण में है, इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आ जाएगी। वन विभाग के क्लीयरेंस सर्टिफिकेट का काम भी चल रहा है और यह अगले माह अप्रैल तक पूरा हो जाने की उम्मीद की जा रही है। रेलवे अफसरों ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया के पूरी होते ही निर्माण में तेजी आएगी और अप्रैल 2026 तक पटरियां बिछाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कभी भी पटरियों पर ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सकता है।

ब्रिटिश काल की रेल लाइन योजना

हैरत की बात यह है कि चिरमिरी रेल लाइन को बरवाडीह तक बढ़ाने की योजना वर्ष 1928 में अंग्रेजी शासकों ने बनाई थी। उसी वक्त अनूपपुर-चिरमिरी रेल लाइन को कोयला परिवहन के लिए बरवाडीह तक बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया था। फिर एकाएक द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो जाने के कारण योजना रोक दी गई और अब करीब 98 साल बाद इस पर परिणामी काम शुरू हो सका है। माना जा रहा है कि बनने के बाद यह रेल लाइन मुंबई- कोलकाता रुट पर पड़ने वाली सबसे छोटी रेल लाइन होगी। अंचल की दो लाख आबादी को फायदा होगा। इससे अंबिकापुर के नागरिकों को भी चिरमिरी, रीवां,, चंदिया से सीधी ट्रेन से जुड़ने का मौका मिलेगा।

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