हिचकी, जम्हाई और फैंटम लिम्ब: जानिए दिमाग कैसे नियंत्रित करता है हमारी अनैच्छिक क्रियाएं!
Manav sharir mein hone wali dimagi pratikriyaen: क्या आपने कभी सोचा है, जम्हाई हिचकी जैसी चीजों के पीछे क्या कारण हो सकता है, अगर नहीं तो आज हम आपको बताएंगे मानव शरीर में होने वाली इन जैविक क्रियाओं के पीछे का कारण...
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Manav sharir mein hone wali dimagi prakriya: मानव का शरीर एक जटिल इंजीनियरिंग का अनोखा उदाहरण है। मनुष्य द्वारा की जाने वाली सामान्य क्रियाएं जैसे हिचकी आना, जम्हाई लेना या किसी व्यक्ति को देखकर शरमा जाना, ये सभी प्रतिक्रियाएं आज भी खोज का विषय बनी हुई है। इनके पीछे का कारण अभी तक साफ-साफ पता नहीं चल पाया है। लेकिन अब तक इन पर जो भी रिसर्च हुए हैं उसके हिसाब से कहा जा सकता है कि ये सभी एक रहस्यमयी शारीरिक एक्सपीरियंस है। जानिए इन क्रियाओं का मस्तिष्क से क्या है संबंध?
1. हिचकी आना/Hick up
लोगों में एक बात काफी प्रचलित है कि जब भी हिचकी आती है तो कोई आपको याद कर रहा होता है लेकिन विज्ञान इस तर्क को नहीं मानता। विज्ञान कहता है कि यह शरीर में होने वाली अनैच्छिक प्रतिक्रिया है। हमारे शरीर में मौजूद डायफ्राम में जब अचानक ऐठन या संकुचन होता है तो फेफड़ों में तेजी से हवा भरने लगती है और यही हिचकी का कारण है। यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि एक सामान्य शारीरिक प्रतिक्रिया है जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है।
2. जम्हाई लेना/Yawning
जम्हाई लेना भी किसी चमत्कारी घटना से कम नहीं है क्योंकि जब भी कोई व्यक्ति जम्हाई लेता है तो उसे देख कर अन्य लोग भी जम्हाई लेने लग जाते हैं। जब भी हमें थकान या नींद आती है तो जम्हाई अपने आप होने लगता है। इस शारीरिक क्रिया के दौरान गहरी सांस अंदर जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलता है ताकि हमारा शरीर सक्रिय अवस्था में रह सके।
3. किसी चीज को देख कर रोंगटे खड़े होना/Goose bumbs
जब भी आपको किसी से डर लगा हो या फिर सर्दी के मौसम में अधिक ठंड लगी हो तो आपके हाथ और पैरों के बाल अचानक खड़े हो जाते हैं। यह गुण हमें पूर्वजों से प्राप्त हुआ है क्योंकि उनके समय में शरीर में जो बाल आते थे वह काफी घने और बड़े होते थे और यही खड़े बाल उनको जंगली जानवर और ठंड से बचने का कार्य करती थी। परंतु समय के साथ मानव शरीर में बाल ज्यादा बढ़ने बंद हो गए लेकिन यह प्रतिक्रिया अभी भी बनी हुई है।
4. शरमाना/Blushing
शरमाना केवल मनुष्यों का ही शारीरिक गुण है, जिसे मनुष्य खुद नियंत्रित नहीं कर सकता न ही इसे खुद से निकाल सकता है। मनुष्य में यह प्रतिक्रिया सोशल एंजायटी, इमोशनल एक्साइटमेंट, रिजेक्शन और जज किए जाने के डर से उत्पन्न होती है। ऐसे लोग जो अंतर्मुखी और बहुत ही कम सामाजिक होते है उनमें यह प्रवृत्ति अधिक देखी जाती है।
5. डेजा वू/Deja vu
डेजा वू का अनुभव किसी चमत्कार से कम नहीं है क्योंकि इसमें दिमाग को ऐसा लगता है कि अभी जो घटना हो रही है यह पहले भी हो चुकी है। दुनिया में हर व्यक्ति के साथ लगभग एक न एक बार यह घटना जरूर होती है। जब भी हम कोई नई चीज करते हैं या किसी नई जगह पर जाते हैं तो उसे हमारा दिमाग प्रोसेस नहीं कर पाता और एक भ्रम पैदा हो जाती है इसे ही डेजा वू कहते हैं। मस्तिष्क में करोड़ों न्यूरॉन्स का जाल फैला होता है और जब इनमें सूचनाओं ठीक से प्रसारित नहीं होती है, तो वर्तमान में घटित घटनाओं को हमारा मस्तिष्क पुराने अनुभवो से जोड़ देता है।
6. फैंटम लिम्ब सेंसेशन/Phantom Limb Sensation
आपने यह चीज जरूर गौर किया होगा कि जब भी हम अंधेरे में कुछ खा रहे होते हैं तो हाथ से खाना पकड़ कर मुंह तक ले जाने के लिए किसी प्रकार के प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती क्योंकि लंबे समय तक हाथों से खाना खाने पर हमारे मस्तिष्क में एक मैप तैयार हो गया है। इसी वजह से ही जब भी कोई व्यक्ति अपना पैर या हाथ पूरी तरह से खो देता है तो उस अंग के न होने पर भी मस्तिष्क को उन अंगों का आभास होते रहता है।