फरसा वाले बाबा की मौत पर बवाल: गौ तस्करों पर ट्रक से कुचलकर मारने का आरोप, झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल

मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा (65) की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। गौ तस्करों पर ट्रक से कुचलकर मारने का आरोप लगा है।

Update: 2026-03-21 10:24 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

मथुरा 21 मार्च 2026, उत्तर प्रदेश के मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा (65) की शनिवार तड़के ट्रक की टक्कर से मौत हो गई। दावा किया जा रहा है कि गौ तस्करों ने उन्हें कुचलकर मारा है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग दिल्ली मथुरा हाइवे को शव रखकर जाम कर दिया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग  करने लगे। इस दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच पथराव भी हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।   

क्या है पूरा मामला ?      

जानकारी के मुताबिक, बरसाना के आजनौख गांव में गौशाला चलाने वाले फरसा वाले बाबा उर्फ गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा (65) को शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि कोसी में नेशनल हाइवे पर एक ट्रक में गौ तस्करी की जा रही है, जिसके बाद फरसा वाले बाबा दो साथियों के साथ उन्हें पकड़ने निकल गए। कोटवन चौकी क्षेत्र में नवीपुर गांव में शनिवार तड़के बाबा ने ट्रक के सामने अपनी बाइक खड़ी कर दी, जिसे कुचलकर ट्रक सवार फरार हो गए। 

पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल  

घटना की  जानकारी आग की तरह फैल गई और लोग दिल्ली मथुरा हाइवे पर जमा हो गए। इसके बाद शव रखकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ ने पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान 5 से 6 पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। हालात को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 

अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश   

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने घटना में संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं DIG शैलेश पांडे के अनुसार, शुरुआती जांच में ट्रकों में कोई गौवंश नहीं मिला है और हादसा कोहरे के कारण हुई प्रतीत हो रहा है। बाद में लोग फरसा वाले बाबा उर्फ गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा को आजनौख गांव में स्थित गैशाला में लेकर पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी पांच सूत्रीय मांग रखी।

क्या है पांच सूत्रीय मांग ? 

पांच सूत्रीय मांगों में बाबा को शहिद का दर्जा मिले, बाबा के नाम की स्मारक बने, इलाके में पुलिस चौकी बनाई जाए, बाबा के खास 4 से 5 लोगों को लाइसेंसी हथियार दिया जाए और बाबा की गौशाला को सरकार अपने संरक्षण में ले। प्रशासन के आश्वासन के बाद बाबा का अंतिम संस्कार उनके ही गौशाला में किया गया।

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