गुरु-शिष्य परंपरा शर्मसार: 9वीं की छात्रा से ट्यूशन टीचर ने किया बार-बार रेप, प्रेग्नेंट होने पर कराया गर्भपात
Tuition Teacher Rape Case: लखनऊ में ट्यूशन टीचर ने 9वीं की छात्रा से रेप किया है और वहीं जब वो प्रेग्नेंट हो गई, तो उसका गर्भपात करा दिया।
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
लखनऊ 23 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां ट्यूशन टीचर वीर सिंह यादव ने 9वीं की छात्रा से रेप किया है और वहीं जब वो प्रेग्नेंट हो गई, तो उसका गर्भपात करा दिया। पुलिस ने आरोपी ट्यूशन टीचर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह पूरा मामला सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, 13 साल की छात्रा मूलरूप से बांदा जिले की रहने वाली है, लेकिन माता-पिता की सरकारी नौकरी के चलते वो सुशांत गोल्फ सिटी में रहती है। वहीं आरोपी वीर सिंह यादव बिजनौर जिले का रहने वाला है, जो कि छात्रा को उसके घर में ट्यूशन पढ़ाता था। इसी दौरान उसने छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे डाला।
कब और कैसे किया दुष्कर्म ?
दरअसल, 22 जनवरी 2026 को छात्रा अपने घर में अकेली थी, छात्रा के माता-पिता काम पर गए थे और उसकी दादी घर के बाहर बैठकर धूप सेंक रही थी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी वीर सिंह यादव ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और ये बात किसी को बताने पर जीवन खराब कर देने की धमकी भी दी, जिसके बाद आरोपी ने 12 फरवरी तक मौका पाकर छात्रा को अपने हवस का शिकार बनाया।
आरोपी पर कौन सी धारा लगाई गई ?
दुष्कर्म की वजह से छात्रा प्रेग्नेंट हो गई, तो आरोपी ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। गर्भपात के बाद तबीयत खराब होने पर छात्रा ने इसकी जानकारी अपनी मां को दी, जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, SC-ST एक्ट सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी ट्यूशन टीचर वीर सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जांच में क्या आया सामने ?
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी वीर सिंह यादव दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर परिवार को डराता-धमकाता और रौब जमाता था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया है।
दुष्कर्म के आरोपी पर कौन सी धारा लगती है ?
अगर आपको नहीं पता, तो बता दें कि भारत में दुष्कर्म के लिए सख्त कानून बनाया गया है। दुष्कर्म के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (पूर्व में IPC 376) के तहत मामला दर्ज किया जाता है, जिसके तहत आरोपी को कम से कम 10 साल से लेकर आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर पीड़िता की उम्र 18 साल से कम हो तो पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया जाता है। इसके अलावा सामुहिक दुष्कर्म के मामले में धारा 70 (पूर्व में 376D) लगाई जाती है।