बहू ने प्रेमी संग मिलकर घोंटा सास का गला, अवैध संबंध में बन रही थी रोड़ा, जानिए 2 घंटे CCTV बंद कर क्या-क्या किया
Lucknow Murder Case: 69 साल की महिला निर्मला देवी की हत्यारी कोई और नहीं बल्कि उसकी बहू निकली, जिसने अवैध संबंध में रोड़ा बनने के चलते अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसको मौत के घाट उतारा था।
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
लखनऊ 22 मार्च 2026, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां शनिवार को 69 साल की महिला निर्मला देवी की उनके ही घर में गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्यारी कोई और नहीं बल्कि उसकी बहू निकली, जिसने अवैध संबंध में रोड़ा बनने के चलते अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसको मौत के घाट उतारा था। यह घटना निशातगंज थाना क्षेत्र की है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, मृतका निर्मला देवी (69) निशातगंज इलाके के गली नंबर 3 मे बेटे-बहू और पोता-पोती के साथ रहती थी। उसका बेटा त्रिदेश बिजली विभाग में संविदा पर नौकरी करता है और बहू रंजना ब्यूटी पार्लर चलाती है। वहीं उसका पोता आदिल डिलिवरी बॉय का काम करता है। शनिवार को महिला घर पर अकेली थी।
कैसे हुआ मामले का खुलासा ?
शनिवार दोपहर लगभग 4 बजे के आसापास आदिल जब काम से घर लौटा, तो उसने अपनी दादी की खून से लथपथ लाश देखी। उसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे। इसके बाद तुरंत उसने पुलिस को इसकी सूचना दी और पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद उसके शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी।
CCTV में क्या खुलासा हुआ ?
जांच में सामने आया कि घर में लगे CCTV कैमरे दोपहर 2 से 4 बजे के बीच बंद थे, जिससे शक और गहरा हो गया। पुलिस ने जब आसपास के कैमरे चेक किए तब किराएदार राजन शर्मा घर से निकलते दिखा। डॉग स्क्वाड भी सीधे उसी तक पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत मे लेकर पूछताछ की ।
पूछताछ में क्या खुलासा हुआ ?
पूछताछ में आरोपी राजन ने बताया कि मृतका की बहू रंजना से अवैध संबंध था, जिसका परिवार विरोध करता था। खासतौर पर सास निर्मला देवी दोनों के रिश्ते में सबसे बड़ी बाधा थी। इसी कारण दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारत में हत्या पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।