CG PM Housing-MNREGA Scam: मकान के लिए पति का नाम बदल दिया, एक आदमी ने रखे दो नाम, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक का कारनामा

CG PM Housing-MNREGA Scam: प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में अनोखा मामला सामने आया है। एक महिला ने घर पाने के लिए अपने पति का नाम बदल लिया, जबकि उसके पति के नाम से पहले ही आवास मिल चुका है। जबकि एक ही शख्स को दो अलग- अलग नाम से सरकारी योजना का फायदा दे दिया। ये सभी कारनामा पंचायत सचिव और रोजगार सहायक ने किया है।

Update: 2026-03-19 07:28 GMT

CG PM Housing-MNREGA Scam: बलरामपुर-रामाजुगंज। जिले में आवास योजना और मनरेगा में गड़बड़ी की शिकायत आने पर जांच की गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिले की जनपद पंचायत शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितताओं की जांच उपरांत पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत सीईओ शंकरगढ़ वेदप्रकाश पांडे ने बताया कि ग्राम पंचायत हरिगवां के पंचायत सचिव जॉन कुमार टोप्पो और ग्राम रोजगार सहायक संजय दास द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के आवासों का फर्जी जियो टैग कर आवास की राशि उनके खातों में अंतरित कराई गई तथा हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर राशि का गबन किया गया। फर्जी मास्टर रोल जारी कर विभिन्न बैंक खातों में मजदूरी की राशि अंतरित कर भी अनियमितता बरती गई है।

अधूरे आवास को फोटो में बता दिया पूर्ण

जनपद सीईओ शंकरगढ़ ने विस्तृत जानकारी दी है कि ग्राम पंचायत हरिगवां में 26 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण है तथा 47 आवास प्रगतिरत हैं। रोजगार सहायक के द्वारा भौतिक रूप से अपूर्ण आवासों का फर्जी तरीके से पूर्ण आवास का जियो टैग किया गया है इस प्रकार सचिव एवं रोजगार सहायक हरिगवां के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के 7 हितग्राहियों की राशि 905000 एवं मनरेगा से मजदूरी 100881 रुपए कुल 10 लाख 5881 रुपए आहरण कर का गबन किया गया। इस पर एफआईआर दर्ज की गई।

सरनेम बदल कर खेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत हरिगवां के विस्टा पैकरा और बिस्टा लोडे एक ही व्यक्ति हैं जिनका प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम सभा प्रस्ताव में बिस्टा लोडे और आवास प्लस ग्राम सभा प्रस्ताव में विस्ता पैंकरा को पात्र कर पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा आवास स्वीकृत कराया गया। एक ही हितग्राही के नाम आवास अप्रारंभ है जबकि हितग्राही के खाते में 240000 रुपए की राशि तथा मनरेगा से कुल 33894 का भुगतान कराया गया है।

पति को मिला घर, पत्नी ने पति का नाम बदल कर लिया घर

इसी प्रकार इदना पिता माघे एवं शांति दोनों पति-पत्नी नहीं है मुन्ना पत्नी शांति के नाम से आवास स्वीकृत है जो कि वर्तमान में अप्रारंभ है जिस पर पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के द्वारा 120000 शांति के नाम पर राशि जारी कराया गया शांति के पति मुन्ना के नाम आवास पूर्ण में ही स्वीकृत हो चुका है। मंगरु पिता शिवनाथ और मुन्नी दोनों पति-पत्नी हैं। मंगरू शिवनाथ का आवास टॉप लेवल पर प्रगतिरत है, मुन्नी के नाम आवास वर्तमान में अप्रारंभ है, जिस पर रोजगार सहायक के द्वारा मुन्नी के खाते में 1 लाख 20000 तथा मनरेगा से 20358 रुपए का भुगतान कराया गया है। इसी प्रकार बीजू पिता टेडगु के नाम से स्वीकृत आवास वर्तमान में अप्रारंभ है फिर भी ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा हितग्राही के खाते में 120000 रुपए तथा मनरेगा से 21942 रुपए भुगतान कराया गया है।

मकान बनना शुरू नहीं हुआ, भुगतान हो गया

इसी तरह जुगना पिता तेतरा के नाम स्वीकृत आवास वर्तमान में अप्रारंभ है फिर भी 120000 रुपए तथा मनरेगा से 24687 रुपए का भुगतान कराया गया है। निशांत कुमार एक्का पिता अमृत के नाम स्वीकृत आवास वर्तमान में अप्रारंभ है, जबकि उसके खाते में 95000 राशि जारी की गई है। उसने अपने बयान में बताया कि रोजगार सहायक ने ओटीपी के जरिए 40000 रुपये ले लिया है। हरिगवां के हितग्राही पांडुल कुजूर पिता केवटा के नाम स्वीकृत आवास वर्तमान में अप्रारंभ है, जिस पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा पांच बार अंगूठा लगवा कर 10000 के मान से 50000 रुपए राशि लिए जाना बताया गया।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने कहा है कि शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संलिप्तता पाये जाने पर संबंधितों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी।

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