रायपुर में हत्याकांड का सनसनीखोज खुलासा: जिसे प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने बुलाया, उसने ही मारकर की लूटपाट

Raipur murder case: रायपुर में 2021 में हुई शकुंतला देवी की हत्याकांड के आरोपी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजानारायण मिश्रा को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया है।

Update: 2026-03-23 08:49 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

रायपुर 23 मार्च 2026, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 2021 में हुई शकुंतला देवी की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 21 मार्च को अहमदाबाद के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजानारायण मिश्रा को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। महिला ने पारिवारिक विवाद सुलझाने के लिए आरोपी को 4 लाख रुपए दिए थे, लेकिन उसने महिला को मारकर घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना चुरा लिया था। पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र की है। 

क्या है पूरा मामला ?  

जानकारी के मुताबिक, टिकरापारा थाना क्षेत्र के पटेल चौक में रहने वाली शकुंतला देवी की संदिग्ध लाश अक्टूबर 2021 में उसके ही घर पर मिली थी। जांच में पता चला कि शकुंतला और उनके छोटे बेटे अमित यादव का बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए शकुंतला और अमित यादव ने आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजानारायण मिश्रा से मदद मांगी थी और 4 लाख रुपए सेटलमेंट के लिए दिए थे, लेकिन आरोपी पैसे लेकर फरार हो गया। 

आखिर क्यों दिया घटना को अंजाम ?   

जिसके बाद शकुंतला आरोपी के गांव पहुंच गई थी। इसी का बदला लेने के लिए आरोपी अजय कुमार अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला के घर पर ही रूका। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने घर से 10 लाख कैश और 35 तोला सोना लूट लिया। 

आरोपी ने क्या खुलासा किया ? 

अहमदाबाद पुलिस के सामने आरोपी ने हत्या और लूट की पूरी वारदात कबूल की। उसने बताया कि लूटे गए सोने को उसने उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक सराफा कारोबारी को बेच दिया। पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने मोबाइल , पैन और आधार कार्ड का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। साथ ही लगातार ठिकाने बदलते हुए गोवा, अहमदाबाद और मुंबई में छिपा रहा।

ट्रांजिट रिमांड पर लाया जाएगा रायपुर

रायपुर पुलिस अब अहमदाबाद से आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाएगी, जिससे हत्या और लूट के पूरे मामले की गहन  जांच होगी। टिकरापारा थाने में हत्या का केस दर्ज था, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। आरोपी का डायरी में नाम होने के बावजूद पुलिस कई TI बदलते हुए भी उसे पकड़ नहीं पाई।

केस का खुलासा होने की उम्मीद 

अहमदाबाद से मिली जानकारी के बाद रायपुर पुलिस ने फाइल फिर से खोली है और पूरे मामले का पर्दाफाश करने के लिए जांच तेज कर दी है। इस गिरफ्तारी से हत्या और लूट के इस लंबे समय से अंधेरे में पड़े केस का खुलासा होने की उम्मीद है।

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