करंट से हाथियों और वन्यजीवों की मौत: हाई कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव से शपथ पत्र के साथ मांगा जवाब

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ में लगातार बिजली करंट से हो रही हाथियों की मौत की घटनाओं को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है।

Update: 2026-04-08 11:44 GMT

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बिलासपुर। 8 अप्रैल 2026|  छत्तीसगढ़ में लगातार बिजली करंट से हो रही हाथियों की मौत की घटनाओं को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की है।

बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डीविजन बेंच में जनहित याचिका की सुनवाई हुई। याचिका में हस्तक्षेपकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी की तरफ से कोर्ट में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया,12 मार्च को दो हाथी शावकों की करंट लगने से रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में मौत हो गई। 14 मार्च को सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में खेत में करंट का तार लगाने से एक हाथी की मौत हो गई। मार्च में ही सारंगढ़ बिलाईगढ़ में जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए अवैध बिजली करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई।

26 मार्च को मैनपाट क्षेत्र में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए तरंगित तार की चपेट में आने से एक युवक और एक लोमड़ी की मौत हो गई। कोरबा के सकोदा जंगल में 11 केवी करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से दो शावक सहित मादा भालू की मौत हो गई।

अपर मुख्य सचिव से पूछा, विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे

हाई कोर्ट जे डीविजन बेंच ने अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को नोटिस जारी कर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने पूछा है, उपरोक्त घटनाएं किन परिस्थितियों में हुई और विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 5 मई की तिथि निर्धारित की है।

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