ओला वृष्टि और तूफानी हवाओं से 40 प्रतिशत फसल चौपट, किसानों को भारी नुकसान
CG News: उत्तरी छत्तीसगढ़ में बीते दो सप्ताह से मौसम बदल गया है। लगातार ओला वृष्टि के साथ तेज बारिश और तूफानी हवाएं च रही हैं। इस कारण से एक ही जिले में 40 प्रतिशत तक की फसल चौपट होने की रिपोर्ट आ गई है।
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जशपुरनगर। 8 अप्रैल 2026| देशभर में कहीं- कहीं पर बर्फबारी और भारी बारिश की खबरें आ रही हैं। छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है। कुछ दिनों से एकाएक मौसम बदल जा रहा है और खूब ओला वृष्टि भी हो रही है। सरगुजा संभाग में कहीं- कहीं पर बर्फ की चादर तक बिछ गई। बारिश के अलावा तेज हवाएं चल रही हैं।
मौसम में इस बदलाव के कारण जशपुर में किसानों की सब्जियां काफी खराब हो चुकी हैं। फसल खराब होने का प्रारंभिक आंकलन कृषि विभाग द्वारा किया गया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाओं से
उद्यानिकी फसलों को क्षति हुई है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल पैदावार की गुणवत्ता को प्रभावित किया है। बल्कि किसानों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिले के फरसाबहार, बगीचा और पत्थलगांव में 35 से 40 प्रतिशत तक फसल को नुकसान की आशंका है। ओलों की मार और नमी बढ़ने से फसल के सड़ने का डर पैदा हो गया है।
यह दी सलाह-
कृषि विभाग ने किसानों से अपील है कि आगामी खरीफ और रबी में अपनी फसलों का बीमा जरूर करवाएं। साथ ही फसलों पर फंगीसाइड का छिड़काव जरूर करें। अक्सर किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत केवल बेसिक बीमा ही करवाते हैं। बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए ऐड-ऑन सुरक्षा लेना अनिवार्य-सा हो गया है।
ऐड-ऑन कवर के मुख्य लाभ-
स्थानीय आपदा सुरक्षा: बेसिक बीमा अक्सर व्यापक आपदाओं को कवर करता है, लेकिन ऐड-ऑन के माध्यम से आप ओलावृष्टि जैसी स्थानीय घटनाओं के लिए अलग से सुरक्षा पा सकते हैं।
कम प्रीमयम, ज्यादा सुरक्षा: बहुत ही मामूली अतिरिक्त प्रीमयम भुगतान करके किसान अपनी पूरी लागत को सुरक्षित कर सकते हैं।
भाग्य भरोसे न रहें-
सहायक संचालक उद्यान जशपुर ने किसानों से अपील की है कि वे केवल भाग्य के भरोसे न रहे। ओलावृष्टि जैसी अनिश्चित घटनाओं से बचने के लिए
फसल बीमा में ऐड-ऑन कवर का विकल्प जरूर चुनें। यह आपकी मेहनत की कमाई भी सुरक्षा का सशक्त माध्यम है।