वित्त विभाग ने पेंशनरों को दी राहत, देखें वित्त विभाग का आदेश

DA Hike: वित्त विभाग ने आदेश जारी कर राज्य शासन के पेंशनरों, परिवार पेंशनरों को मूल पेंशन/परिवार पेंशन पर 01 सितंबर.2025 से 55% (सातवें वेतनमान में) एवं 252% (छठवें वेतनमान में) की दर से महंगाई राहत स्वीकृत कर दी है।

Update: 2026-04-08 11:19 GMT

रायपुर। 7 अप्रैल 2026| वित्त विभाग ने आदेश जारी कर राज्य शासन के पेंशनरों, परिवार पेंशनरों को मूल पेंशन/परिवार पेंशन पर 01 सितंबर.2025 से 55% (सातवें वेतनमान में) एवं 252% (छठवें वेतनमान में) की दर से महंगाई राहत स्वीकृत कर दी है। छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों को महंगाई राहत की पुनरीक्षित दरें तय जर दी है।

वित्त विभाग के परिपत्र 17 अक्टूबर 2025 द्वारा राज्य शासन के पेंशनरों, परिवार पेंशनरों को मूल पेंशन/परिवार पेंशन पर 01 सितंबर.2025 से 55% (सातवें वेतनमान में) एवं 252% (छठवें वेतनमान में) की दर से महंगाई राहत स्वीकृत की गई है।

राज्य शासन द्वारा अब निर्णय लिया गया है कि राज्य के पेंशनरों, परिवार पेंशनरों को निम्नानुसार दर से महंगाई राहत स्वीकृत की जाये। वृद्ध पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत देय होगी।

उपरोक्त महंगाई राहत की पात्रता पेंशन एवं परिवार पेंशन, असाधारण पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों को छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, के ज्ञापन 23 सितंबर 2024 (वित्त निर्देश 07/2024-संलग्न) एवं 5 अक्टूबर 76 के प्रतिबंधों के अधीन देय होगी।

ऐसे पेंशनर्स जिन्होंने अपनी पेंशन का एक भाग सारांशीकृत (Commute) कराया है, उन्हें महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन (सारांशीकरण के पूर्व की पेंशन) पर देय होगी। महंगाई राहत के भुगतान पर होने वाले रूपये के अपूर्ण भाग को अगले रूपये में पूर्णांकित किया जायेगा।

कोषालय अधिकारियों को जारी किया ये आदेश

राज्य शासन के समस्त कोषालय अधिकारियों, उप कोषालय अधिकारियों/पेंशन वितरणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि वित्त विभाग के 29 जनवरी, 1983 के अनुसार छत्तीसगढ़ कोष संहिता भाग-1 के सहायक नियम 347 के संशोधित प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के सिविल पेंशनरों को उपरोक्त अनुसार स्वीकृत महंगाई राहत का शीघ्र भुगतान करें। भुगतान उपरांत पूर्वानुसार महालेखाकार, छत्तीसगढ़, रायपुर से प्राधिकार प्राप्त होने पर महंगाई राहत की राशि का मिलान कर लिया जाये। यदि कोई विसंगति दृष्टिगोचर होती है तो उसका समायोजन आगामी माह के भुगतान में कर लिया जाये।



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