घूसखोर दो इंजीनियर व कर्मचारी निलंबित, बिजली कंपनी ने एई,जेई व एक कर्मचारी को किया निलंबित
CG News: ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन देने के एवज में घूसखोरी करने वाले एक एई,एक जेई व सहायक ग्रेड एक को बिजली कंपनी ने निलंबित कर दिया है।
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जांजगीर। 8 अप्रैल 2026| ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन देने के एवज में घूसखोरी करने वाले एक एई,एक जेई व सहायक ग्रेड एक को बिजली कंपनी ने निलंबित कर दिया है। बता दें कि एसीबी ने तीनों को 35 हजार रुपये का घूस लेते रंगेहाथों पकड़ा था। एसीबी की कार्रवाई के बाद बिजली कंपनी ने दोनों इंजीनियर व क्लर्क को सस्पेंड कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में विद्युत वितरण कंपनी ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी ने बिजली विभाग जांजगीर के एक सहायक अभियंता (एई), एक कनिष्ठ अभियंता (जेई) और एक सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। भ्रष्टाचार के आरोपों में संलिप्त पाए जाने के बाद बिजली कंपनी ने यह कार्रवाई की है।
एसीबी की कार्रवाई के बाद अब बिजली कंपनी ने की कार्रवाई
तकरीबन 15 दिन पहले,भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ACB की टीम ने विशेष ऑपरेशन के दौरान सहायक अभियंता विजय नोरे, जेई राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को 35 हजार रुपये का रिश्वत लेते रेंग हाथों पकड़ा था। इस कार्रवाई के बाद से ही विभाग पर सख्त कदम उठाने का दबाव बना हुआ था। विद्युत वितरण कंपनी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। कंपनी ने स्पष्ट किया है, विभाग में भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान तीनों कर्मचारियों का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय, जगदलपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। आदेश के अनुसार, निलंबन 20 मार्च से प्रभावी माना जाएगा और आगामी आदेश तक जारी रहेगा।
पढ़िए क्या है मामला?
ACB की जांच में सामने आया, जांजगीर निवासी एक व्यक्ति ने ग्राम खोखसा में फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट स्थापित करने के लिए ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है, इस कार्य को पूरा करने के एवज में संबंधित अधिकारियों ने रिश्वत की मांग की। इसमें सहायक अभियंता और जेई द्वारा 10 हजार रुपये तथा सहायक ग्रेड-1 द्वारा 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। शिकायत मिलने पर एसीबी बिलासपुर की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 20 मार्च को आरोपितों को 35 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया।