प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा, NSUI ने घेरा डीईओ ऑफिस, फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
CG School Education News: सीजी बोर्ड का मान्यता लेकर सीबीएसई की मोटी फीस लेना, यूनिफार्म और किताबों को लेकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा बरती जा रही मनमानी के खिलाफ एनएसयूआई ने माेर्चा खोल दिया है।
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बिलासपुर।13 अप्रैल 2026| सीजी बोर्ड का मान्यता लेकर सीबीएसई की मोटी फीस लेना, यूनिफार्म और किताबों को लेकर प्राइवेट स्कूलों द्वारा बरती जा रही मनमानी के खिलाफ एनएसयूआई ने माेर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदेश सचिव ने मनमानी बरतने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव रंजेश सिंह ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन द्वारा मान्यता के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़ा और उसके बाद सीबीएसई के नाम पर पालकों से वसूली जा रही मोटी फीस पर तत्काल रोक लगाने और ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। रंजेश ने कहा, प्राइवेट स्कूलों द्वारा प्री प्राइमरी की मोटी फीस वसूली जा रही है। इतनी फीस तो पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को भी नहीं लगता। मनमानी फीस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
मान्यता का उल्लंघन करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
जिले में संचालित निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही गंभीर अनियमितताएं की जा रही है। मान्यता नियमों का सीधेतौरर उल्लंघन, बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को शामिल ना कराना, महंगी निजी पब्लिसर्स की किताबों कीअनिवार्यता, अत्यधिक शुल्क वसूली एवं वित्तीय अपारदर्शिता के विरोध में आज एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन कार्यालय में उपस्थित संयुक्त संचालक पी दासरथी को सौंपा गया। ज्ञापन में विशेष रूप से सेंट जेवियर्स स्कूल ग्रुप, KPS,अचीवर्स एसएस पब्लिक स्कूल सहित जिले के कई निजी विद्यालयों में चल रही अनियमितताओं को उजागर करते हुए निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
इस बात को लेकर हुई तीखी बहस
ज्ञापन सौंपने के दौरान रंजेश सिंह एवं संयुक्त संचालक पी दासरथी के बीच तीखी बहस हुई। अधिकारी द्वारा “दो दिनों में जानकारी उपलब्ध कराने” की बात कही गई, जिस पर रंजेश सिंह ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा, यह मामला सीधे विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और इसमें किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक तत्काल कार्रवाई के ठोस निर्देश जारी नहीं होते, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
बिना मान्यता उच्च कक्षाओं का कर रहे संचालन
रंजेश सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा, कई विद्यालय बिना पूर्ण मान्यता के उच्च कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। शासन एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद विद्यार्थियों को सीजी बोर्ड की परीक्षाओं में सम्मिलित नहीं कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें जबरन लागू कर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन एवं संभावित कमीशनखोरी को दर्शाता है। एनएसयूआई पदाधिकारियों के दबाव को देखते हुए अंततः संबंधित अधिकारी द्वारा तत्काल संज्ञान लिया गया और मौके पर ही अधीनस्थ अधिकारियों को नोटिस जारी करने तथा जांच प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आवश्यक पत्र जारी करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की गई।
अदालती लड़ाई की दी चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन द्वारा व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर न्यायालय की शरण भी ली जाएगी।
इनकी रही उपस्थिति
पुष्पराज साहू,प्रदीप सिंह,करन यादव, राजा खान,सुमित ठाकुर,वेद राठौर, जित्तू ठाकुर,अतुल रजक,आशीष यादव, सुदामा साहू,मनेन्द्र राज कोशले,प्रशांत पाल,राजदेव, सेसू साहू,प्रकाश सिंह,गौकरण सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता व छात्र नेता उपस्थित रहे।