हसदेव नदी में बहाया राखड़! कोरबा के पावर प्लांट पर जल संसाधन विभाग ने ठोका 18 करोड़ का जुर्माना

CG News: हसदेव नदी में राखड़युक्त पानी को छोड़ना छत्तीसगढ़ के एक सरकारी पावर प्लांट को महंगा पड़ गया है। हसदेव नदी में राखड़युक्त पानी छोड़े जाने के आरोप में जल संसाधन विभाग ने हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पर 18 करोड़ का जुर्माना ठोका है।

Update: 2026-04-13 08:22 GMT

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कोरबा।13 अप्रैल 2026| हसदेव नदी में राखड़युक्त पानी को छोड़ना छत्तीसगढ़ के एक सरकारी पावर प्लांट को महंगा पड़ गया है। हसदेव नदी में राखड़युक्त पानी छोड़े जाने के आरोप में जल संसाधन विभाग ने हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पर 18 करोड़ का जुर्माना ठोका है। बता दें, पावर प्लांट प्रबंधन के इस लापरवाही के चलते कोरबा नगर निगम के कई वार्डाें में पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच टीम बनाकर जांच का निर्देश दिया है। जांच रिपाेर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पढ़िए क्या है मामला

झाबू स्थित राखड़ बांध भरने के दौरान तटबंध से राखड़युक्त पानी का रिसाव शुरू हो गया था। हालात संभालने के बजाय प्रबंधन ने जानकारी छिपाई और राखड़युक्त पानी को हसदेव नदी में प्रवाहित कर दिया। इससे नदी के साथ दायीं तट नहर का पानी भी प्रभावित हुआ और शहर के कई वार्डों में जल आपूर्ति बाधित होने लगी।

कलेक्टर ने बनाई जांच टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए और टीम गठित की। जांच के बाद सिंचाई विभाग ने एटीपीपी प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करते हुए 18 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।अधिकारियों का कहना है, यह कार्रवाई नदी में प्रदूषण फैलाने और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए की गई है। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया, राखड़युक्त पानी नहर में छोड़े जाने से जल आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा। इस संबंध में कटघोरा एसडीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया था। उन्होंने बताया, मामले में पर्यावरण संबंधी प्रावधानों का भी उल्लंघन हुआ है। कुछ दिन पहले ही राखड़ बांध से रिसाव की स्थिति बनी थी। इसके बावजूद समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिससे स्थिति और बिगड़ी। अब जांच टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के बाद अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है, भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए, इसके लिए सख्ती बरती जाएगी। पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिस पर प्रबंधन को नोटिस दिया गया था।

पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को हुई दिक्कतें

राखड़युक्त पानी के नहर में पहुंचने से शहर के कई वार्डों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। बता दें, इससे पहले भी इसी तरह के मामले सामने आने पर संयंत्र प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद सुधार नहीं होने पर इस बार सीधे जुर्माने की कार्रवाई की गई।

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