Bilaspur High Court: आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगाई रोक...

Bilaspur High Court: आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर याचिकाकर्ताओं ने याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आरक्षक भर्ती के संबंध में नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।

Update: 2026-01-27 15:57 GMT

Bilaspur High Court: बिलासपुर। आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर याचिकाकर्ताओं ने याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आरक्षक भर्ती के संबंध में नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है।

आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी की जांच की मांग को लेकर बिलासपुर, सक्ती,रायगढ़, मुंगेली जिले के मनोहर पटेल, विवेक दुबे, मृत्युंजय श्रीवास, कामेश्वर प्रसाद गजराज पटेल, अजय कुमार जितेश बघेल, अश्वनी कुमार यादव, ईशान ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कहा है, वर्ष 2023 में तक़रीबन 6000 आरक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान फिजिकल टेस्ट के डेटा रिकॉर्डिंग के लिए टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्सिंग के तहत राज्य सरकार ने नियुक्त किया था। कंपनी के स्थानीय अधिकारियों ने कई अभ्यार्थियों को पैसों के लेन-देन करते हुए अनुचित लाभ दिया था।

याचिका की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा कि गई कार्यवाही की रिपोर्ट में स्वयं अधीक्षक जिला बिलासपुर ने स्वीकारा है कि भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट के दौरान कई गड़बड़ियां की गई है एवं ग़लत डेटा दर्ज किए गए हैं। टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा CCTV फ़ुटेज भी डिलीट किए गए हैं। शासन द्वारा कार्यवाही में कुल 129 अभ्यार्थियों के नाम सामने आए हैं जिन्हें अनुचित लाभ देते हुए ज़्यादा अंक प्रदान किए गए थे।

पुलिस भर्ती प्रक्रिया नियम 2007 के नियम 7 में लिखा है कि अगर पुलिस भर्ती प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता पाई जाती है तो भर्ती प्रक्रिया को संपूर्ण रूप से रद्द किया जाएगा और नई भर्ती प्रक्रिया कराई जाएगी। अधिवक्ता सिद्धीकी ने कहा कि इसी प्रकार चयन प्रक्रिया का समापन, अंतिम सूची का जारी होना और नियुक्ति आदेश का प्रकाशन गैरकानूनी है, तथा पुलिस भर्ती नियम 2007 के प्रावधानों के विरुद्ध है।

याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में इस बात का भी उललेख किया है, टाइम टेक्नोलॉजी जिसने की फिजिकल टेस्ट कराया है जिसमें लंबी कूद और भाला फेंक के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितता बरती गई है। इस तरह की गड़बड़ी समूचे जिले में की गई है। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने आरक्षक भर्ती के तहत अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य शासन सहित गृह विभाग के आला अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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