कौन है डेंटिस्ट से IPS बने अजय पाल शर्मा, शंकराचार्य-आशुतोष विवाद में क्यों ही रही चर्चा, जानिए पूरी स्टोरी
IPS Ajay Pal Sharma Profile: शंकराचार्य-आशुतोष विवाद में आईपीएस अजय पाल शर्मा का नाम जुड़ गया है. आईपीएस अजय पाल शर्मा पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आशुतोष ब्रह्मचारी के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया है. अजय पाल का नाम पहले भी और भी विवादों में रह चूका है. तो चलिए जानते हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा कौन है, कहाँ के रहने वाले हैं इनके बारे में सबकुछ
इमेज- इंटरनेट, एडिट- एनपीजी
IPS Ajay Pal Sharma Profile: 25 फरवरी 2026, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच तेज हो गयी है. वहीं, अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और आशुतोष ब्रह्मचारी के विवाद के बीच में ‘दंबग’, ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और ‘सिंघम’ जैसे नामों से मशहूर आईपीएस अजय पाल शर्मा की एंट्री हो गयी है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया है कि प्रयागराज पुलिस के एडिशनल पुलिस कमिश्नर आईपीएस अजय पाल शर्मा उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं.
आईपीएस अजय पाल शर्मा क्या आरोप लगे हैं
मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फोटो को दिखाते हुए कहा, " आरोपों की निष्पक्ष जांच कैसे होगी? जो व्यक्ति आरोप लगा रहा है वो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम में शामिल हो रहा है. पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया था. पुलिस खुद केस दर्ज करके कोर्ट से करवा रही है. आईपीएस अजय पाल शर्मा आशुतोष महाराज का जन्मदिन मना रहे हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे. अजय पाल शर्मा साजिश रच रहे हैं. इसके बाद से अजय पाल शर्मा चर्चा में हैं. ये पहले भी सुर्ख़ियों में रह चुके हैं तो चलिए जानते हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा कौन है?
कौन है आईपीएस अजय पाल शर्मा
- नाम: अजय पाल शर्मा (Ajay Pal Sharma)
- बैच: 2011 बैच, उत्तरप्रदेश कैडर
- मूल निवास: लुधियाना, पंजाब
- करियर: डेंटिस्ट
- वर्तमान पद: प्रयागराज एडिशनल पुलिस कमिश्नर
आईपीएस अजय पाल शर्मा 2011 बैच के उत्तरप्रदेश कैडर के अफसर हैं. इन्हे 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट', सिंघम जैसे नामों से भी जाना जाता है. वे मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. वे शुरू से ही पढ़ाई में तेज थे. स्कूल में वो स्टेट टॉपर थे. हिंदी, अंग्रेजी और मैथ तीनों विषयों में उन्होंने 100 में 100 नंबर हासिल किए थे. आईपीएस बनने से से पहले वो डेंटिस्ट थे. जी हाँ, स्कूल की पढाई के बाद उन्होंने, डेंटिस्ट की डिग्री ली.
डेंटिस्ट से IPS कैसे बने अजय पाल शर्मा
कुछ साल तक डेंटिस्ट की जॉब की और फिर जॉब छोड़ कर 2008 में यूपीएससी की तैयारी करने लगे. 2009 में यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 2011 में 17 रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा पास की और आईपीएस बन गए. आईपीएस अजय पाल शर्मा को यूपी कैडर मिला.
आईपीएस अजय पाल को क्यों मिला सिंघम नाम
अजय पाल शर्मा यूपी में कई बड़े पदों पर रहे और कुछ ही समय में नाम बना लिया. उन्हें महाकुंभ का नोडल अधिकारी भी बनाया गया. अपने कार्यकाल में एक के बाद एक कई एनकाउंटर किए हैं. 63 से ज्यादा भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया है. उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर हुई. इसके बाद मथुरा,शामली, गाजियाबाद और नोएडा जिलों में रहे. गौतमबुद्ध नगर में एसएसपी के पद पर रहे.
रामपुर के पुलिस अधीक्षक रहने के दौरान वो एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से काफी चर्चा में आये थे. छह साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या के आरोपी नाजिल को एनकाउंटर कर मार डाला था. शामली के कैराना पलायन के आरोपी को भी गिरफ्तार किया था.
पहले भी विवादों में रह चुके हैं आईपीएस अजय पाल
साल 2020 में वो विवादों में भी आये थे. एक लड़की ने उन पर शोषण का आरोप लगाया था. उस दौरान वो नोएडा SSP थे. आरोप था 2016 में आईपीएस गाजियाबाद में एसपी सिटी रहने के दौरान उसकी महिला से शादी हुई थी. इस मामले में महिला आयोग, पुलिस विभाग, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक शिकायत की थी. वहीँ, रामपुर में भी भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें पद से हटाया गया था. इसके बाद अब वो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष महाराज विवाद में चर्चा में हैं.