देवर निकला भाभी का हत्यारा: लूडो खेलते-खेलते उठाया खौफनाक कदम, हत्या की वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
Mainpuri Murder Case: देवर ने लूडो खेलने के दौरान भाभी को चिकोटी काट दी, महिला ने इसकी शिकायत उसके भईया से करने की बात कही तो उसने उसे मौत के घाट उतार दिया
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
मैनपुरी 23 मार्च 2026, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 10 मार्च को हुई महिला की संदिग्ध मौत का मामला हत्या में बदल गया है। हत्यारा कोई और नहीं बल्कि महिला का देवर ही निकला। आरोपी देवर ने लूडो खेलने के दौरान भाभी को चिकोटी काट दी थी, महिला ने इसकी शिकायत उसके भईया से करने की बात कही तो उसने उसे मौत के घाट उतार दिया था। पूरा मामला कुर्रा थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 10 मार्च को महिला का शव उसके ही घर में संदिग्ध हालत में मिली थी। मृतका के मायके पक्ष की ओर से सूचना के बाद मौके पर पहुंची डायल 112 टीम ने महिला के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त मृतका का पति अहमदाबाद में नौकरी कर रहा था। लौटने के बाद जब उसने इसकी शिकायत दर्ज कराई तब मामले की जांच शुरु की गई।
जांच में क्या खुलासा हुआ ?
जांच के दौरान पता चला कि मृतका के मोबाइल का सिम कार्ड गायब है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच शुरु की। जांच में सामने आया कि इस घटना में किसी बाहरी का नहीं बल्कि घर के करीबी का ही हाथ है। पुलिस ने जब मृतका के देवर को अपनी हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो इस पूरे मामले का खुलासा हो गया।
देवर ने क्यों की भाभी की हत्या ?
आरोपी देवर ने बताया कि वह अपनी भाभी के साथ घर पर लूडो खेल रहा था। इसी दौरान मजाक में उसने चिकोटी काट दी, जिस पर भाभी नाराज हो गई और भईया से शिकायत की बात कही। यह सुनकर आरोपी गुस्सा हो गया और उसने भाभी को किचन में ले जाकर गला दबाकर मार डाला।
CO ने मामले में क्या कहा ?
सीओ करहल अजय सिंह का इस मामले में कहना है कि आरोपी को मुखबिर की सूचना पर सहन तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया और उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारत में हत्या पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।