कर्मचारियों के लिए बुरी खबर! सरकार का फरमान, 17 लाख कर्मचारियों को करना होगा AI कोर्स, वरना रुक सकता है प्रमोशन
UP Govt Mandatory AI Course: उत्तरप्रदेश सरकार ने भी AI की तरफ बड़ा पहल लिया है. योगी सरकार ने अब मिशन कर्मयोगी के तहत 63 विभाग के 17 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए AI कोर्स अनिवार्य कर दिया है. वरना उन पर कार्रवाई की जायेगी.
फोटो- AI जनरेटेड
UP Govt Mandatory AI Course: स्कूल हो या कॉलेज या फिर ऑफिस, आजकल हर तरफ सभी कामों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल किया जा रहा है. भारत सरकार भी AI को खूब बढ़ावा दे रही है. जिसके लिए "मिशन कर्मयोगी" भी चलाया जा रहा है. इसी बीच उत्तरप्रदेश सरकार ने भी AI की तरफ बड़ा पहल लिया है. योगी सरकार ने अब मिशन कर्मयोगी के तहत 63 विभाग के 17 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए AI कोर्स अनिवार्य कर दिया है. वरना उन पर कार्रवाई की जायेगी.
कर्मचारियों को करना होगा AI कोर्स
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने केंद्र सरकार के तहत मिशन कर्मयोगी भारत के तहत राज्य के 63 विभाग के 17 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित AI कोर्स अनिवार्य कर दिया है. सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से यह कोर्स करना होगा. इस समबन्ध में 12 फरवरी को प्रमुख मुख्य नियुक्ति और कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किया यही. जिसके अनुसार, AI कोर्स करने के बाद अपना प्रतिभागिता प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा.
कर्मचारियों के लिए AI कोर्स क्यों जरूरी है?
प्राकृतिक आपदाओं और उनसे होने वाले नुकसान से बचाव के लिए सरकार AI कोर्स अनिवार्य किया है. हर साल प्रदेश में बाढ़, शीतलहर, लू, जैसे प्राकृतिक आपदायें आती है. जिससे जान माल का नुकसान होता है. AI कोर्स के जरिये आपदा प्रबंधन से बचाव, समस्याएं से तत्काल निपटान जैसी तकनीक कामकज्ज में लायी जाएगी. साथ ही सभी विभागों के काम AI और टेक्नोलोजी की मदद से तत्काल कर लिया जाएगा. प्रशासनिक कार्य तेजी से होंगे.
कहाँ करना होगा कोर्स
AI कोर्स के लिए कर्मचारियों को 'कर्मयोगी भारत मिशन' पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा. पोर्टल में कर्मचारी के लिए AI कोर्स मौजूद है, कूल तीन पाठ्यक्रमों (कोर्स) उपलब्ध कराये गए हैं. जिसमे 'एआई का परिचय' है. जो कि सभी को करना होगा.
AI कोर्स नहीं करने पर क्या होगा
उत्तरप्रदेश सरकार ने अनिवार्य रूप से AI कोर्स करने के लिए कहा है. कोर्स करने के बाद संबंधित अधिकारी एक महीने में प्रमाण-पत्र जमा करेंगे. आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो कर्मचारी यह कोर्स नहीं करता है उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. कर्मचारियो का प्रमोशन रोका जा सकता है.