देवरिया शिक्षक आत्महत्या मामला : दो जांच कमेटियों के बाद DM खुद पहुंचीं बीएसए कार्यालय, शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली

Deoria Teacher Suicide Case : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक सहायक अध्यापक द्वारा मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या किए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है. मृतक शिक्षक के सुसाइड नोट में बेसिक शिक्षा अधिकारी और कार्यालय के बाबू पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद शासन के निर्देश पर देवरिया से लेकर लखनऊ तक की जांच टीमें सक्रिय हो गई हैं. आरोपी लिपिक को निलंबित किए जाने के बावजूद, पीड़ित परिवार और संगठनों द्वारा बीएसए की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी विरोध-प्रदर्शन जारी है, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है.

Update: 2026-02-23 12:43 GMT

देवरिया शिक्षक आत्महत्या मामला: दो जांच कमेटियों के बाद DM खुद पहुंचीं बीएसए कार्यालय, शिक्षा विभाग के अधिकारियों में खलबली

Deoria Teacher Suicide Case : देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक सहायक अध्यापक की आत्महत्या के बाद शिक्षा विभाग में मचे हड़कंप ने अब बड़े प्रशासनिक फेरबदल और कड़ी कानूनी कार्रवाई का रूप ले लिया है. कुशीनगर के रहने वाले शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह द्वारा गोरखपुर में फांसी लगाकर जान देने के मामले को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है. आज सोमवार सुबह से ही देवरिया के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जांच टीमों और आला अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा.

क्या है पूरा मामला

मूल रूप से कुशीनगर के हरैया निवासी कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे. वे गोरखपुर के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के घर रहकर ड्यूटी करते थे. बीते 20 फरवरी की रात उन्होंने फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.

मृतक की पत्नी गुड़िया सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके अनुसार, 20 फरवरी को कृष्ण मोहन को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था, जहां उन्हें अपमानित किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई. इसी मानसिक प्रताड़ना से दुखी होकर उन्होंने सुसाइड कर लिया. शिक्षक के पास से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कथित तौर पर विभागीय प्रताड़ना का पूरा कच्चा चिट्ठा दर्ज है.

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच 

मामले के तूल पकड़ते ही गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आज सोमवार को जांच की रफ्तार तब और तेज हो गई जब.

बाबू निलंबित : जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर आरोपी लिपिक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

दो स्तरीय जांच : शासन ने लखनऊ से संयुक्त शिक्षा निदेशक पवन सचान की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी भेजी है. वहीं, स्थानीय स्तर पर सीडीओ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच की जा रही है.

डीएम का औचक निरीक्षण : खुद जिलाधिकारी दिव्या मित्तल सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए.

बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन और नारेबाजी

इधर, शिक्षक की मौत को लेकर सामाजिक संगठनों और शिक्षकों में भारी आक्रोश है. सोमवार सुबह आजाद हिंद सेना वाहिनी' के कार्यकर्ताओं ने बीएसए कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि आरोपी बीएसए और उनके सहयोगियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.

जांच टीमें इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि उस दिन कार्यालय में क्या हुआ था और शिक्षक को किस बात के लिए दबाव दिया जा रहा था. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुसाइड नोट और सामने आए वीडियो के तथ्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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