"सब झूठ है, CCTV चेक करो!" यौन शोषण के आरोपों पर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- "गिरफ्तारी हुई तो भी विरोध नहीं करेंगे"

यौन शोषण के आरोपों पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान! कहा- "गिरफ्तारी हुई तो भी विरोध नहीं करेंगे।" CCTV जांच की मांग और आरोपों को बताया झूठा। पढ़ें पूरी खबर।

Update: 2026-02-23 10:26 GMT

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news

प्रयागराज 23 फरवरी 2026, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के झूंसी थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित 2 से 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। नाबालिग शिष्यों से यौन शोषण के आरोप में यह FIR दर्ज किया गया है, जिसको लेकर अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान सामने आया है। उन्होंने CCTV जांच की मांग करते हुए आरोपों को झूठा बताया है। 

क्या है पूरा मामला ? 

दरअसल, जगतगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में दो बच्चों को पेश कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके सहयोगियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। वहीं अब झूंसी थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित 2 से 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया गया है। 

गुरु सेवा के नाम पर कुकर्म का आरोप  

जगतगुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपने FIR में बताया कि उनके ट्रस्ट की ओर से माघ मेले में श्रीकृष्ण जन्मभूमी की मुक्ति के लिए माता शाकुंभरी देवी महायज्ञ का आयोजन किया गया है, जिसमें दो शिष्य ने आकर बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों ने उन्हें अपने साथ रखा और उनके साथ एक साल तक गुरु सेवा के नाम पर कुकर्म किया।

महाराज ने क्यों ली कोर्ट की शरण ?   

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के मुताबिक, 2025 महाकुंभ मेले और 2026 माघ मेले में भी बच्चों के साथ कुकर्म किया गया। वे किसी तरह से वहां से भागकर माता शाकुंभरी देवी महायज्ञ में पहुंचे और आपबीती बताई, जिसके बाद आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने इसकी शिकायत थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक माघ मेले तक की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिर में उन्होंने 8 फरवरी को कोर्ट की शरण ली, जिसके बाद प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को FIR दर्ज करने के आदेश दिए।        

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा ? 

इस मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान सामने आया है उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की बात हो रही है वे हमारे गुरुकुल के नहीं है। वो छात्र ना कभी हमारे गुरुकुल में आए ना पंजीकरण हुआ और ना ही पढ़ाई की। पुलिस ने जो मार्कशीट जमा की है, उससे पता चला कि ये छात्र कभी हमारे गुरुकुल में आए ही नहीं। प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगे हैं, चाहे तो चेक कर लो। वहीं उन्होंने कहा कि वे जांच के लिए तैयार है।      

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