UPTET 2026: यूपी टीईटी के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, OTR हुआ अनिवार्य; आरक्षित वर्ग के शिक्षकों ने उठाई पासिंग मार्क्स में छूट की मांग, चयन आयोग को भेजा ज्ञापन, जानें नया नियम

UPTET 2026 के लिए upessc.up.gov.in पर 26 अप्रैल तक करें अप्लाई। OTR हुआ अनिवार्य। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरक्षित वर्ग के शिक्षकों ने मांगी पासिंग मार्क्स में छूट।

Update: 2026-04-06 05:00 GMT

लखनऊ 6 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए अहम अपडेट है। यूपी टीईटी 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (upessc.up.gov.in) पर जाकर 26 अप्रैल 2026 तक अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। हालांकि इस बार आवेदन प्रक्रिया के साथ ही परीक्षा के अर्हता अंकों (Qualifying Marks) को लेकर एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है।

OTR हुआ अनिवार्य, 2 जुलाई से परीक्षा

इस बार परीक्षा संस्था ने आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' (OTR) प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि बिना OTR जनरेट किए कोई भी उम्मीदवार अपना एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट नहीं कर पाएगा। विभाग ने कहा है कि परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। इसलिए उम्मीदवारों को लास्ट मिनट रश से बचने के लिए समय रहते अपनी OTR प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और पुराने शिक्षकों की बढ़ी टेंशन

यूपी टीईटी को लेकर शुरू हुआ ताजा विवाद सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से जुड़ा है। 1 सितंबर 2025 को शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था कि देश भर में साल 2011 से पहले नियुक्त हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से TET पास करना होगा। इस आदेश के बाद उन हजारों पुराने और सेवारत शिक्षकों के सामने अपना पद बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है जो लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

आरक्षित वर्ग के शिक्षकों की मांग: अन्य राज्यों जैसी मिले छूट

नोटिफिकेशन जारी होते ही आरक्षित वर्ग (SC, ST और OBC) के कार्यरत शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को प्रत्यावेदन भेजकर नियमों में संशोधन की गुहार लगाई है। इन शिक्षकों का तर्क है कि यूपी में आरक्षित वर्ग के कार्यरत शिक्षकों को पासिंग मार्क्स में केवल 5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है जो नाकाफी है।

शिक्षकों ने अन्य राज्यों का हवाला देते हुए कहा है कि हाल ही में तमिलनाडु और राजस्थान में जारी TET अधिसूचनाओं में सेवारत आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को 10 से 20 प्रतिशत तक की भारी रियायत दी गई है। यूपी के शिक्षकों की मांग है कि उन्हें भी इसी तर्ज पर राहत मिलनी चाहिए।

NCTE की गाइडलाइंस का दिया हवाला

अपने प्रत्यावेदन (Representation)में शिक्षकों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 11 फरवरी 2011 की गाइडलाइन का भी जिक्र किया है। एनसीटीई के नियमों के अनुसार राज्यों के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वे आरक्षित वर्ग के शिक्षकों को पासिंग मार्क्स में उचित छूट दे सकते हैं।

जुलाई में परीक्षा होने के कारण समय बेहद कम बचा है। उम्र के इस पड़ाव पर वर्षों से पढ़ा रहे इन अनुभवी शिक्षकों का कहना है कि अचानक परीक्षा का दबाव उन पर भारी पड़ रहा है। अगर सरकार अर्हता अंकों में संशोधन कर राहत नहीं देती है तो बड़ी संख्या में पुराने शिक्षकों के भविष्य पर संकट गहरा सकता है।

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