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अविमुक्तेश्वरानंद केस में पुलिस का बड़ा एक्शन! आश्रम पहुंची पुलिस टीम, पीड़ितों के स्टेटमेंट होंगे दर्ज, मेडिकल टेस्ट पर टिकी निगाहें।

Avimukteshwaranand Case : प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ झूंसी थाने में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर बच्चों के साथ गलत काम करने और पॉक्सो एक्ट के उल्लंघन का आरोप है, जिसे शंकराचार्य ने सिरे से खारिज करते हुए इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक बड़ी साजिश कहा है. इस मामले के बाद वाराणसी से लेकर प्रयागराज तक हड़कंप मच गया है.

अविमुक्तेश्वरानंद केस में पुलिस का बड़ा एक्शन! आश्रम पहुंची पुलिस टीम, पीड़ितों के स्टेटमेंट होंगे दर्ज,  मेडिकल टेस्ट पर टिकी निगाहें।
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अविमुक्तेश्वरानंद केस में पुलिस का बड़ा एक्शन! आश्रम पहुंची पुलिस टीम, पीड़ितों के स्टेटमेंट होंगे दर्ज, मेडिकल टेस्ट पर टिकी निगाहें।

By Uma Verma

Avimukteshwaranand Case : प्रयागराज : प्रयागराज की झूंसी पुलिस ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ एक गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज की है. यह कार्रवाई प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद की गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप है कि उन्होंने अपने मठ के छोटे शिष्यों के साथ गलत कृत्य किया है. पुलिस ने इस मामले में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है.

क्या है पूरा मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत आशुतोष ब्रह्मचारी की याचिका के बाद हुई. आशुतोष ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों ने बच्चों के साथ अभद्रता और यौन शोषण जैसी हरकतें की हैं. कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए झूंसी थाने को तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया. अब इस केस में अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के अलावा तीन अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए गए हैं.

आशुतोष ब्रह्मचारी का पलटवार : जेल तो जाना ही पड़ेगा

शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना कालनेमी से कर दी. उन्होंने कहा कि वो खुद पीड़ित नहीं हैं, बल्कि एक सूचना देने वाले नागरिक हैं ताकि बच्चों को न्याय मिल सके. आशुतोष ने साफ कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अब अपने कर्मों की सजा भुगतनी होगी और उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामलों की जो फर्जी लिस्ट फैलाई जा रही है, वह केवल उन्हें डराने की कोशिश है.

शंकराचार्य : यह सनातन धर्म को मिटाने की साजिश

दूसरी ओर, वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी खुद एक अपराधी है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं. शंकराचार्य ने सवाल उठाया कि जब उनका उस गुरुकुल या स्थान से कोई लेना-देना ही नहीं है, तो उन पर ये आरोप कैसे लग सकते हैं. उन्होंने कहा, यह कुछ ऐसे लोगों की चाल है जो धर्म का चोला ओढ़कर सनातन धर्म को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं. स्वामी ने साफ किया कि यदि पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है, तो वे कोई विरोध नहीं करेंगे और पूरा सहयोग करेंगे.

वाराणसी में पुलिस की आहट, सियासी पारा गर्म

खबर है कि प्रयागराज पुलिस की एक टीम पूछताछ और कार्रवाई के लिए कभी भी वाराणसी स्थित श्रीविद्यामठ पहुँच सकती है. इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और योगी सरकार को घेरा. उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, जिसके बाद से यह मामला केवल धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक चर्चा का केंद्र भी बन गया है.

आगे क्या होगा?

पुलिस अब कोर्ट के आदेश पर निष्पक्ष जांच और विवेचना की बात कह रही है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जायेंगे. वहीं, आशुतोष ब्रह्मचारी ने सनातन न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया है, जिससे वे शंकराचार्य की पोल खोलने का दावा कर रहे हैं.


मेडिकल टेस्ट पर टिकी निगाहें

पूरे मामले में सबकी निगाहें अब मेडिकल टेस्ट पर टिकी हैं, क्योंकि यही वह वैज्ञानिक आधार है जो तय करेगा कि आरोप सच हैं या केवल साजिश. पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस केस में पीड़ित बच्चों का मेडिकल परीक्षण यह साफ कर देगा कि उनके साथ कोई शारीरिक शोषण या गलत हरकत हुई है या नहीं. कानूनन, बयानों से कहीं ज्यादा अहमियत मेडिकल रिपोर्ट की होती है, क्योंकि अगर जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो शंकराचार्य की मुश्किलें बढ़ना तय है, यही वजह है कि पुलिस, कोर्ट और आम जनता, सभी के लिए यह रिपोर्ट इस केस का सबसे बड़ा और निर्णायक सबूत साबित होने वाली है.

कौन हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के वर्तमान शंकराचार्य हैं उनका जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में हुआ था और उनके बचपन का नाम उमाशंकर था. उन्होंने बहुत कम उम्र में ही घर का त्याग कर दिया और धर्म व संस्कृत की शिक्षा ली. वे लंबे समय तक ज्योतिष पीठ के पूर्व शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य और प्रतिनिधि के रूप में जाने जाते रहे. स्वामी स्वरूपानंद के ब्रह्मलीन होने के बाद उन्हें इस पीठ की जिम्मेदारी सौंपी गई.

शंकराचार्य के रूप में अविमुक्तेश्वरानंद अपनी बेबाक और स्पष्टवादी छवि के लिए जाने जाते हैं. वे केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं करते, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी राय खुलकर रखते हैं. उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए पदयात्रा निकाली और अक्सर धर्म से जुड़े मामलों में वे किसी भी सरकार के सामने झुकने के बजाय अपनी बात मजबूती से रखने के लिए चर्चा में रहते हैं. इसी वजह से उनकी पहचान एक क्रांतिकारी संत के रूप में बन गई है.

हाल के वर्षों में वे कई बड़े विवादों और चर्चाओं का केंद्र भी रहे हैं. राम मंदिर के उद्घाटन की पद्धति हो या अयोध्या में गो-रक्षा का मामला, वे अक्सर अपनी परंपराओं और शास्त्रों की बात को प्रमुखता से उठाते हैं. सरल भाषा में कहें तो, वे एक ऐसे धर्मगुरु हैं जो अपनी मान्यताओं के लिए कोर्ट-कचहरी से लेकर सड़कों तक संघर्ष करने में पीछे नहीं हटते. यही कारण है कि उनके समर्थकों की संख्या जितनी बड़ी है, उनके विरोधियों की सूची भी उतनी ही लंबी होती जा रही है.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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