Credit Score Kya Hota Hai: क्रेडिट स्कोर क्या होता है? EMI से लेकर क्रेडिट कार्ड तक सब तय करता है क्रेडिट स्कोर, आज समझ लें वरना कल पछताएंगे

Credit Score Kaise Badhaye: लोन, क्रेडिट कार्ड और कम ब्याज दर- सब कुछ आपके क्रेडिट स्कोर पर निर्भर है। जानिए 750 का महत्व और स्कोर सुधारने के आसान तरीके।

Update: 2026-02-04 12:20 GMT

फोटो सोर्स: NPG News

Credit Score Kya Hota Hai: लोन लेना हो, क्रेडिट कार्ड चाहिए हो या फिर कम ब्याज दर की तलाश हो हर जगह एक शब्द बार-बार सामने आता है क्रेडिट स्कोर। बहुत से लोग इसे सिर्फ एक नंबर समझते हैं लेकिन असल में यही नंबर तय करता है कि बैंक आप पर कितना भरोसा करेगा। सही समझ के बिना लिया गया एक गलत फैसला आपके फाइनेंशियल प्लान को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है।

क्रेडिट स्कोर क्या होता है?

क्रेडिट स्कोर एक तीन अंकों की संख्या होती है जो आपकी लोन और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी आदतों को दिखाती है। यह स्कोर आमतौर पर 300 से 900 के बीच होता है। स्कोर जितना ज्यादा, उतना बेहतर माना जाता है। बैंक और फाइनेंशियल संस्थान इसी आधार पर तय करते हैं कि आपको लोन दिया जाए या नहीं और अगर दिया जाए तो किस ब्याज दर पर।

यह स्कोर बनता कैसे है?

आपका क्रेडिट स्कोर कई चीज़ों को देखकर तय होता है। सबसे अहम है समय पर भुगतान। अगर आप EMI या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाते हैं तो स्कोर मजबूत होता है। इसके अलावा आपने कितना लोन लिया है, आपकी क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है, और आपने कितनी बार नए लोन या कार्ड के लिए आवेदन किया- ये सभी बातें स्कोर पर असर डालती हैं।

अच्छा और खराब स्कोर किसे कहते हैं?

आमतौर पर 750 या उससे ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। इस रेंज में आने पर लोन जल्दी मिल जाता है और ब्याज दर भी कम हो सकती है। वहीं 650 से नीचे का स्कोर बैंक के लिए खतरे की घंटी होता है। ऐसे मामलों में लोन रिजेक्ट हो सकता है या फिर ज्यादा ब्याज देना पड़ता है।

क्रेडिट स्कोर आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को कैसे प्रभावित करता है?

आज के समय में क्रेडिट स्कोर सिर्फ लोन तक सीमित नहीं है। कई बैंक और NBFC क्रेडिट कार्ड की लिमिट तय करने, पर्सनल लोन की मंजूरी और यहां तक कि कुछ मामलों में रेंटल एग्रीमेंट के दौरान भी इसे देखते हैं। खराब स्कोर का मतलब है सीमित विकल्प और ज्यादा खर्च।

स्कोर सुधारने के आसान तरीके

अगर आपका स्कोर कम है, तो घबराने की जरूरत नहीं। सबसे पहले सभी बकाया भुगतान समय पर करें। क्रेडिट कार्ड की लिमिट का पूरा इस्तेमाल करने से बचें और बार-बार नए लोन के लिए आवेदन न करें। थोड़ी फाइनेंशियल डिसिप्लिन के साथ 6–12 महीने में स्कोर में सुधार दिखने लगता है।

क्रेडिट स्कोर कोई काम्प्लेक्स गणित नहीं बल्कि आपकी फाइनेंशियल आदतों का आईना है। जितनी जिम्मेदारी से आप आज फैसले लेंगे, उतनी आसानी से कल के बड़े फाइनेंशियल लक्ष्य पूरे कर पाएंगे।

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