UP Police फिर शर्मसार! मुरादाबाद में कारोबारी को डराकर वसूली, सर्विलांस सेल के 5 पुलिसकर्मी निलंबित, SSP सतपाल की बड़ी कार्रवाई
Moradabad Police Suspension : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एसएसपी दफ्तर की सर्विलांस टीम ने खुद को ड्रग विभाग का उड़न दस्ता बताकर एक मेडिकल स्टोर संचालक को अगवा कर लिया और उसे छोड़ने के बदले 40 हजार रुपये की अवैध वसूली की. बिना किसी आधिकारिक अनुमति के निजी गाड़ी में छापेमारी करने और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी तोड़ने की करतूत सामने आने के बाद, एसएसपी सतपाल अंतिल ने सर्विलांस प्रभारी वीर बोस समेत 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.
UP Police फिर शर्मसार! मुरादाबाद में कारोबारी को डराकर वसूली, सर्विलांस सेल के 5 पुलिसकर्मी निलंबित, SSP सतपाल की बड़ी कार्रवाई
Moradabad Police Suspension : मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग व्यवस्था पर एक बार फिर दाग लगा है. मेरठ के बाद अब मुरादाबाद में पुलिसकर्मियों द्वारा कारोबारी से अवैध वसूली का शर्मनाक मामला सामने आया है. यहाँ एसएसपी दफ्तर के नाक के नीचे काम करने वाली सर्विलांस टीम ने खुद को ड्रग विभाग का उड़न दस्ता बताकर एक मेडिकल स्टोर संचालक को न केवल अगवा किया, बल्कि उसे छोड़ने के बदले हजारों रुपये की उगाही भी की. इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल ने सर्विलांस प्रभारी समेत 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.
फिल्मी अंदाज में रची लूट की साजिश
पूरी घटना मुरादाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र की है. 8 जनवरी की रात, फीलखाना रेती स्ट्रीट में स्थित उवैद कुरैशी के मेडिकल स्टोर पर अचानक कुछ लोग धमक पड़े. इन लोगों ने खुद को ड्रग विभाग का अधिकारी बताया और दुकान में घुसते ही आतंक मचाना शुरू कर दिया. शातिर पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले दुकान के सीसीटीवी कैमरों को निशाना बनाया और डीवीआर उखाड़ने की कोशिश की ताकि उनकी करतूत कैद न हो सके. इसके बाद उन्होंने संचालक उवैद पर प्रतिबंधित दवाएं बेचने का झूठा आरोप लगाया और उसे जबरन अपनी निजी गाड़ी में बैठा लिया.
40 हजार में हुआ सौदा, सीसीटीवी ने खोली पोल
आरोपियों ने उवैद को छोड़ने के बदले पैसो की मांग की. परिजनों ने किसी तरह 40 हजार रुपये का इंतजाम किया, जिसे वसूलने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे मुक्त किया. पीड़ित ने जब अपने अधिवक्ता भाई जमशेद कुरैशी को आपबीती सुनाई, तो मामला एसएसपी तक पहुँचा.
जांच के दौरान जब सीओ कटघर ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सारा सच शीशे की तरह साफ हो गया. फुटेज में सर्विलांस टीम के सदस्य साफ तौर पर उवैद को बंधक बनाकर ले जाते दिखे. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस पूरी छापेमारी की जानकारी न तो स्थानीय पुलिस को थी और न ही ड्रग विभाग को. यह पूरी कार्रवाई बिना किसी वारंट या आधिकारिक अनुमति के सिर्फ पैसे वसूलने के इरादे से की गई थी.
5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, विभाग में हड़कंप
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर एसएसपी सतपाल अंतिल ने कड़ा एक्शन लिया है. उन्होंने सर्विलांस सेल प्रभारी एसआई वीर बोस, मुख्य आरक्षी मनोज यादव, और आरक्षी शिवम चिकारा, विपिन शर्मा व यश दहिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. एसएसपी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार और जनता का उत्पीड़न करने वालों के लिए पुलिस महकमे में कोई जगह नहीं है. इससे पहले मेरठ में भी दो दरोगाओं ने कारोबारी को अगवा कर 20 लाख रुपये वसूले थे.
क्या था मेरठ मामला
उत्तर प्रदेश के मेरठ में कुछ समय पहले एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जिसने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया था. यहाँ के ब्रह्मपुरी इलाके में दो दरोगाओं ने वर्दी का रौब दिखाकर एक बड़े कारोबारी को उसके घर से ही सरेआम किडनैपिंग का शिकार बना लिया था. इन पुलिसवालों ने कारोबारी पर फर्जी केस दर्ज करने और जेल भेजने की धमकी दी, और फिर उसे अपनी निजी गाड़ी में बैठाकर शहर भर में घुमाते रहे.
हैरानी की बात यह थी कि उन दरोगाओं ने कारोबारी को छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की भारी-भरकम डिमांड की थी. डर के मारे कारोबारी ने फिरौती की रकम का इंतजाम किया और पुलिसवालों को पैसे दे दिए. लेकिन जब मामला आलाधिकारियों तक पहुँचा और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो पुलिस की इस काली करतूत का पर्दाफाश हो गया. इस मामले में मेरठ पुलिस ने कड़ा एक्शन लेते हुए दोनों दरोगाओं को न केवल बर्खास्त किया, बल्कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया था.