BSNL के अधिकारी के लिए शाही प्रोटोकॉल : संगम स्नान के लिए अंडरवियर-तेल का इंतजाम देख मचा बवाल, फजीहत के बाद आदेश रद्द...
BSNL Director Prayagraj Protocol : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में BSNL के एक वरिष्ठ अधिकारी के दौरे के लिए जारी शाही प्रोटोकॉल ने सरकारी गलियारों में खलबली मचा दी है. अधिकारी के संगम स्नान के लिए विभाग द्वारा तौलिया, अंडरवियर और हेयर ऑयल तक की व्यवस्था करने के लिखित आदेश ने अफसरशाही की चाटुकारिता को बेनकाब कर दिया. सोशल मीडिया पर आदेश की कॉपी वायरल होते ही जब जनता का गुस्सा भड़का, तो कंपनी को आनन-फानन में अपना यह विवादित फरमान वापस लेना पड़ा.
BSNL के अधिकारी के लिए शाही प्रोटोकॉल : संगम स्नान के लिए अंडरवियर-तेल का इंतजाम देख मचा बवाल, फजीहत के बाद आदेश रद्द...
BSNL Director Prayagraj Protocol Vivad : प्रयागराज : सरकारी महकमों में अफसरों की जी-हुजूरी कोई नई बात नहीं है, लेकिन भारत संचार निगम लिमिटेड के एक ताजा फरमान ने तो हद ही पार कर दी. प्रयागराज के दौरे पर आ रहे एक बड़े साहब के स्वागत में विभाग ने ऐसी लिस्ट तैयार की कि सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. मामला इतना बढ़ा कि कंपनी की साख पर बन आई और आनन-फानन में इस शाही प्रोटोकॉल वाले आदेश को रद्द करना पड़ा.
क्या था पूरा मामला
दरअसल, BSNL के डायरेक्टर का 25 और 26 फरवरी को संगम नगरी प्रयागराज और कौशांबी का दौरा प्रस्तावित था. साहब को यहां बिजनेस मीटिंग्स करनी थी और धार्मिक स्थलों के दर्शन करने थे. लेकिन उनके आने से पहले ही विभाग के जूनियर अधिकारियों ने सेवा-सत्कार की ऐसी रूपरेखा तैयार की जो किसी राजा-महाराजा के जमाने की याद दिलाती है.
19 फरवरी को जारी इस आधिकारिक आदेश में साहब की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखने के लिए करीब 50 कर्मचारियों की फौज तैनात की गई थी. हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ खाने-पीने का इंतजाम नहीं था, बल्कि साहब के नहाने के बाद पहने जाने वाले अंडरगारमेंट्स तौलिया, हेयर ऑयल, चप्पल और ग्रूमिंग किट तक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे.
स्वागत में सफेद इनोवा और चॉकलेट
आदेश के मुताबिक, अधिकारी के लिए दो सफेद रंग की चमचमाती इनोवा गाड़ियां रिजर्व की गई थीं, जिनमें हर वक्त नए और साफ तौलिये रखने को कहा गया था. इतना ही नहीं, वेलकम किट के नाम पर गाड़ी में चिप्स, चॉकलेट, फ्रूट जूस और पानी की बोतलों का स्टॉक रखने की जिम्मेदारी भी तय की गई थी. संगम में स्नान के बाद साहब को क्या पहनना है और कौन सा तेल लगाना है, इसके लिए बकायदा अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी.
सोशल मीडिया पर खिंचाई और विभाग की सफाई
जैसे ही यह आदेश पत्र इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने BSNL को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया. यूजर्स ने सवाल उठाए कि जो कंपनी घाटे और नेटवर्क की समस्याओं से जूझ रही है, वहां अफसरों की निजी सुख-सुविधाओं पर जनता का पैसा और कर्मचारियों का समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है कुछ ने इसे अफसरशाही की पराकाष्ठा बताया.
चौतरफा घिरने के बाद BSNL मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि यह आदेश उनके पेशेवर मानकों के खिलाफ है और इसे तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है. विभाग ने यह भी कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो. भले ही आदेश रद्द हो गया हो, लेकिन इस घटना ने सरकारी तंत्र में व्याप्त चाटुकारिता की संस्कृति को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है.
BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल
वर्तमान में विवादों में आए विवेक बंजल भारत संचार निगम लिमिटेड के बोर्ड में डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं. वे 1987 बैच के इंडियन टेलीकॉम सर्विस के एक बेहद वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं. बंजल ने भोपाल के मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में गुजरात यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की. उनके पास टेलीकॉम सेक्टर में नेटवर्क प्लानिंग, ऑपरेशंस और मार्केटिंग का 30 सालों से भी ज्यादा का अनुभव है.
विवेक बंजल BSNL में लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड और एफटीटीएच सेवाओं की पूरी कमान संभालते हैं. वे इससे पहले गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे बड़े सर्कल्स में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं और कुछ समय के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ITI लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं. हालांकि, प्रयागराज दौरे के लिए उनके अधिकारियों द्वारा जारी किए गए अंडरवियर-बनयान वाले अजीबोगरीब प्रोटोकॉल ने उनके करियर के इस मोड़ पर एक अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके चलते फिलहाल उनका दौरा रद्द करना पड़ा.