Supreme Court: देशभर के हाई कोर्ट में जल्द लागू होगी नई व्यवस्था, रिटायरमेंट से पहले भावी चीफ जस्टिस संभालेंगे पदभार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लिया निर्णय
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देशभर के हाई कोर्ट में प्रशासनिक निरंतरता और कार्यकुशलता बनाए रखने के मद्देनजर नई पाॅलिसी बनाई है।
इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News
दिल्ली। 27 फरवरी 2026|सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देशभर के हाई कोर्ट में प्रशासनिक निरंतरता और कार्यकुशलता बनाए रखने के मद्देनजर नई पाॅलिसी बनाई है। नई पॉलिसी के अनुसार देश के किसी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रिटायरमेंट के दो महीने पहले, उनकी जगह नामित चीफ जस्टिस पदभार संभाल लेंगे। सीजे के रिटायर होने से पहले भावी सीजे उनके साथ रहकर प्रशासनिक और ज्यूडिसरी के कामकाज को बखूली समझ लें और संभाल लें।
सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने देशभर के हाई कोर्ट में प्रशासनिक निरंतरता के साथ ही स्थिरता और कार्यकुशलता बनाए रखने के उद्देश्य से नई नीति अपनाई है। 26 फरवरी, 2026 को कॉलेजियम की हुई बैठक के बाद जारी वक्तव्य में कहा गया कि अब देश के किसी हाई कोर्ट के लिए भावी चीफ जस्टिस को पद रिक्त होने से तकरीबन दो महीने पहले ही ट्रांसफर किया जा सकेगा। कॉलेजियम के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि भावी चीफ जस्टिस संबंधित हाई कोर्ट के प्रशासनिक कार्यों और व्यवस्था से पहले ही परिचित हो सकें और वर्तमान चीफ जस्टिस के रिटायर होते ही तत्काल कार्यभार संभाल सकें। वक्तव्य में कहा गया कि यह कदम न्याय प्रशासन की दक्षता और गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया।
पंजाब एंड हरियाणा की जस्टिस लीसा गिल को नई नीति के तहत आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ट्रांसफर करने की अनुशंसा की गई। उन्हें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की गई, जो पद रिक्त होने की तिथि से प्रभावी होगी।
कॉलेजियम ने स्पष्ट किया कि अग्रिम ट्रांसफर से उन्हें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलेगा। लिहाजा पदभार ग्रहण करते ही सुचारु रूप से दायित्व निभा सकें। कॉलेजियम ने केरल हाई कोर्ट के जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मद्रास हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की। यह सिफारिश मद्रास हाई कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस के 5 मार्च, 2026 को रिटायर होने के मद्देनजर की गई।