Satta King Disawar Chart Result: सट्टा खेलना कितना महंगा पड़ सकता है- जानिए कानूनी सज़ा और धाराएं

Satta King Disawar Chart Result: भारत में सट्टेबाजी कानूनन अपराध है। सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 से लेकर नई भारतीय न्याय संहिता और ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 तक कानून है।

Update: 2026-02-11 14:04 GMT

Satta King Disawar Chart Result: भारत में सट्टेबाजी कानूनन अपराध है। सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 (Public Gambling Act, 1867) से लेकर भारतीय न्याय संहिता और ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 तक कई तरह के कानून है। ऐसे में यह जानना ज़रूरी है कि  Satta King Disawar के खिलाफ सज़ा क्या है, शिकायत कहां करें और लत से बाहर कैसे निकलें?

भारत में सट्टेबाजी अपराध क्यों है?

भारत में सट्टेबाजी को लेकर कानूनी स्ट्रक्चर मल्टी लेवल पर है। केंद्रीय स्तर पर सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 (Public Gambling Act) लागू है, जो देश के सबसे पुराने कानूनों में से एक है। इसके अलावा राज्य सरकारों को अपने स्तर पर जुआ-विरोधी कानून बनाने का अधिकार है। संविधान की सातवीं अनुसूची में जुआ राज्य सूची का विषय है।

यह कानून इसलिए बना क्योंकि सट्टेबाजी संगठित अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग, कर्ज जाल और पारिवारिक बिखराव से सीधे जुड़ी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन साइकिएट्रिक एसोसिएशन (APA) दोनों ने पैथोलॉजिकल जुए को एक 'एडिक्टिव डिसऑर्डर' के रूप में मान्यता दी है।

कौन सी धाराएं लगती हैं- कानून और सज़ा क्या हैं?

सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1867 के तहत:

धारा 3 जुआ घर चलाने या संचालित करने पर 200 रूपये तक जुर्माना या 3 महीने तक की कैद या दोनों। धारा 4 जुआ घर में खेलते या मौजूद पाए जाने पर 100 रूपये तक जुर्माना या 1 महीने तक की कैद। धारा 15 दोबारा अपराध करने पर सज़ा दोगुनी, अधिकतम 600 जुर्माना या 1 साल तक की कैद। धारा 7 गिरफ्तारी के समय गलत नाम या पता देने पर अलग से सज़ा का प्रावधान।

भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत:

धारा 297 बिना अनुमति लॉटरी चलाने पर 6 महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों। धारा 318 सट्टेबाजी के ज़रिए धोखाधड़ी से संपत्ति हासिल करने पर 7 साल तक की कैद।

ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025:

पैसे लगाकर गेम खिलाने पर 3 साल तक की सज़ा या 1 करोड़ तक जुर्माना या दोनों। भ्रामक विज्ञापन पर 2 साल तक की कैद या 50 लाख जुर्माना। बार-बार अपराध पर 5 साल तक की सज़ा और 2 करोड़ तक जुर्माना। यह बिल ऑनलाइन सट्टेबाजी, फैंटेसी लीग, ऑनलाइन लॉटरी और पोकर जैसे प्लेटफॉर्म पर लागू होगा।

राज्यों में अलग-अलग नियम

भारत में जुए का कानून राज्य विषय होने के कारण हर राज्य में अलग नियम हैं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध है और जेल का प्रावधान है। गोवा और सिक्किम में कैसीनो लाइसेंस के तहत कुछ शर्तों पर जुआ वैध है। नागालैंड में भी कुछ शर्तों के साथ ऑनलाइन गेमिंग की अनुमति है।

अधिकांश राज्यों में "स्किल-बेस्ड गेम" (जैसे रमी) और "चांस-बेस्ड गेम" (जैसे सट्टा) में कानूनी अंतर किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने रमी को "पूरी तरह किस्मत का खेल" नहीं माना है। लेकिन नंबर-आधारित सट्टेबाजी जैसे दिसावर या गली दिसावर पूरी तरह अवैध है और इसे किसी भी कानूनी छूट का लाभ नहीं मिलता।

क्या ऑनलाइन सट्टा भी अपराध है?

डिजिटल युग में सट्टेबाजी वेबसाइट टेलीग्राम चैनल और मोबाइल ऐप्स के ज़रिए फैली है। यह समझना ज़रूरी है कि इनमें से कोई भी प्लेटफॉर्म सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। सभी अवैध नेटवर्क हैं। आईटी अधिनियम 2000 के तहत भी ऐसी वेबसाइट चलाने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान है।

इन प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले "चार्ट" या "रिजल्ट" का कोई आधिकारिक स्रोत नहीं होता। इनकी न सटीकता की गारंटी है न पारदर्शिता की। पुराने नतीजों के आधार पर "पैटर्न" निकालने का कोई गणितीय आधार नहीं है यह पूरी तरह किस्मत पर निर्भर खेल है।

शिकायत कहां और कैसे करें?

अगर आपके आसपास सट्टेबाजी हो रही है तो नज़दीकी थाने में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत पुलिस इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर का अधिकारी मैजिस्ट्रेट के वारंट पर छापेमारी कर सकता है। ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की जा सकती है।

सट्टेबाजी की लत  पहचान और मदद

सट्टेबाजी एक मान्यता प्राप्त एडिक्टिव डिसऑर्डर है। AIIMS दिल्ली का नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर और बेंगलुरु का NIMHANS — दोनों जुए की लत का क्लीनिकल इलाज करते हैं।

अगर आप या आपका कोई परिचित इस लत से जूझ रहा है तो ये हेल्पलाइन उपलब्ध हैं:

  • NIMHANS हेल्पलाइन: 080-46110007 (24/7)।
  • Vandrevala Foundation: 1860-2662345 (24/7, मल्टीलिंगुअल)।
  • iCALL (TISS मुंबई): 9152987821।
  • NIMHANS SHUT क्लिनिक (डिजिटल एडिक्शन): 9480829675।
  • साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल: भारत में सट्टा खेलने पर कौन सी धारा लगती है?

सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 की धारा 4 के तहत जुआ खेलते पकड़े जाने पर ₹100 जुर्माना या 1 महीने की कैद हो सकती है। BNS की धारा 318 के तहत सट्टे से धोखाधड़ी पर 7 साल तक की सज़ा है।

सवाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी भारत में वैध है या अवैध?

अधिकांश राज्यों में ऑनलाइन सट्टेबाजी अवैध है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पूर्ण प्रतिबंध है। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत पैसे वाली ऑनलाइन बेटिंग पर 3 साल तक की सज़ा और 1 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है।

सवाल: सट्टेबाजी की शिकायत कहां करें?

नज़दीकी थाने में या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर। हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

सवाल: सट्टेबाजी की लत का इलाज कहां होता है?

AIIMS दिल्ली और NIMHANS बेंगलुरु में जुए की लत का क्लीनिकल इलाज उपलब्ध है। Vandrevala Foundation (1860-2662345) और iCALL (9152987821) पर काउंसलिंग के लिए संपर्क किया जा सकता है।

सवाल: जुआ घर चलाने पर क्या सज़ा है?

सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 3 के तहत ₹200 जुर्माना या 3 महीने कैद। दोबारा अपराध पर धारा 15 के तहत सज़ा दोगुनी हो सकती है — अधिकतम ₹600 जुर्माना या 1 साल कैद।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जनहित और कानूनी जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। NPG.News किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी, जुए या अवैध गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देता। सट्टेबाजी कानूनन अपराध है।

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