"सभी भारतीय तुरंत छोड़ें तेहरान!" भारत ने जारी की ट्रेवल एडवाइजरी, सभी नागरिकों को जल्द देश छोड़ने की दी सलाह, इमरजेंसी नंबर जारी
India Iran Advisory Today : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने तेहरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए इमरजेंसी एग्जिट एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ने वहां रह रहे छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को उपलब्ध सभी वाणिज्यिक साधनों से तत्काल ईरान छोड़ने की सख्त हिदायत दी है. क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और आंतरिक अशांति के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने और दूतावास के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया है.
"सभी भारतीय तुरंत छोड़ें तेहरान!" भारत ने जारी की ट्रेवल एडवाइजरी, सभी नागरिकों को जल्द देश छोड़ने की दी सलाह, इमरजेंसी नंबर जारी
India Iran Advisory Today : नई दिल्ली : ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य हमले के बढ़ते खतरे और वहां आंतरिक अशांति के बीच भारत सरकार ने एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को बिना देरी किए, जो भी साधन उपलब्ध हों, उनका उपयोग कर तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है. यह कदम क्षेत्र में युद्ध की आहट और सुरक्षा व्यवस्था के गंभीर संकट को देखते हुए उठाया गया है.
दूतावास ने क्यों जारी किया एग्जिट ऑर्डर
ईरान में वर्तमान स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. जनवरी 2026 में हुए देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब फरवरी में विश्वविद्यालयों के खुलने के साथ ही छात्रों ने फिर से मोर्चा खोल दिया है. तेहरान और मशहद जैसे बड़े शहरों में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हो रही हैं. दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन की ओर से सैन्य कार्रवाई की आशंका के मद्देनजर अमेरिकी सेना ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. इसी अनिश्चितता को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत वापसी का आह्वान किया है.
नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि चाहे छात्र हों, व्यापारी हों, तीर्थयात्री हों या पर्यटक, सभी को कमर्शियल फ्लाइट्स या उपलब्ध अन्य रास्तों से जल्द से जल्द ईरान से निकल जाना चाहिए. इसके साथ ही कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.
दस्तावेज रखें तैयार : सभी नागरिक अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य यात्रा संबंधी कागजात हर समय अपने पास तैयार रखें.
भीड़भाड़ से बचें : किसी भी प्रकार के प्रदर्शनों, रैलियों या विरोध वाले इलाकों में जाने से बचें.
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य : दूतावास ने उन सभी भारतीयों से पोर्टल (https://www.meaers.com/request/home) पर रजिस्ट्रेशन करने को कहा है जिन्होंने अब तक नहीं कराया है. यदि वहां इंटरनेट बंद है, तो भारत में मौजूद उनके परिजन उनकी जानकारी दर्ज कर सकते हैं.
आपातकालीन सहायता और हेल्पलाइन
सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए और संकट में फंसे भारतीयों की मदद के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है.
मोबाइल नंबर : +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359
इससे पहले जनवरी में भी भारत ने गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी, लेकिन आज सोमवार को जारी यह ताजा एडवाइजरी स्थिति के और अधिक गंभीर होने की पुष्टि करती है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिक स्थानीय मीडिया और दूतावास के सोशल मीडिया अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें.
ईरान-अमेरिका सैन्य तनाव : आखिर क्या है पूरा विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा सैन्य तनाव के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं, परमाणु कार्यक्रम और ईरान की आंतरिक अशांति. अमेरिका का आरोप है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर अधिकतम दबाव की नीति अपनाते हुए उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं और यह शर्त रखी है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे और अपनी मिसाइल तकनीक को खत्म करे. हाल ही में फरवरी 2026 में बातचीत विफल होने के बाद, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपने दो विमानवाहक पोत तैनात कर दिए हैं, जिससे युद्ध की आशंका बढ़ गई है.
दूसरी ओर, ईरान के भीतर चल रहे जनविरोधी प्रदर्शनों ने इस आग में घी का काम किया है. जनवरी 2026 से ही ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जिन्हें दबाने के लिए ईरानी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. अमेरिका ने इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की है और मानवाधिकारों के नाम पर हस्तक्षेप की चेतावनी दी है. ईरान इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल और शासन परिवर्तन की अमेरिकी साजिश मानता है. इसी खींचतान के चलते दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को वहां से निकलने की सलाह दी है