पूर्व नौसेना प्रमुख को साबित करनी पड़ रही नागरिकता! चुनाव आयोग के नोटिस से उठे सवाल, वीर चक्र भी नहीं बना ढाल—जानें क्या है पूरा मामला
Former navy chief SIR notice: चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए यह एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी वोटरों के नाम हटाना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना है। अपनी वोटर आईडी को अनमैप्ड करवाना है। ऐसे में जिनका नाम 2002 की पुरानी मतदाता सूची में नहीं है, या जिनके परिवार का रिकॉर्ड पुराना नहीं मिला है, उन्हें 'unmapped' श्रेणी में डालकर नोटिस दिया जा रहा है।
Former navy chief SIR notice:
नई दिल्ली। सीIR की वजह से अपने ही देश में एक अजनबी जैसे ही गए है पूर्व सेना प्रमुख। ऐसे में वे अपनी सैन्य सेवा के दतावेज और वीर चक्र लिए कटघरे में खड़े हो देश का नागरिक होने की परीक्षा दे रहे है। ऐसे में पूर्व नौसेना प्रमुख को साबित करनी पड़ रही नागरिकता! चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस दिया हैइससे कई सवाल उठ खड़े हुए है। वीर चक्र भी नहीं बना सका है उनकी ढाल और सभी दस्तावेज के साथ अपनी देश का नागरिक साबित करने की लड़ाई लग रहे है।
अपने लबे सैन्य करियर में देश की सेवा करते हुए युद्ध की विभीषिका झेली और आदमय साहस का परिचय दिया। जिसके लिए वीर चक्र मिला। लेकिन चुनाव आयोग के आगे अपनी पहचान साबित करने बेबस हो गए है।
लंबे समय तक तक नौसेना में अपनी सेवा देने वाले, 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपनी जान की परवाह किए बिना अहम भूमिका निभा कर वीर चक्र से सम्मानित हुए।वीर विजेता के लिए भी देश की नागरिकता साबित करने पापड़ बेलने पड़ रहे। देश का ये सम्मान भी उनकी रहे आसान नहीं कर पा रहा है।ऐसे में आम आदमी की रहे और भी मुश्किल है। चुनाव आयोग के एक नोटिस ने पूर्व नौसेना प्रमुख की नागरिकता पर सवाल उठा कर कटघरे में खड़ा कर दिया है। वही देशवासियों के लिए भी कई स्वाल पैदा कर दिए है।
नौसेना में उच्च पद पर रहते हुए देश की और अरुण प्रकाश नौसेना प्रमुख एडमिरल पद से रिटायर हुए है। ऐसे में चुनाव आयोग उन्हें "अनमैप' श्रेणी में आते है बोल अपनी नागरिकता साबित करने नोटिस दिया है। नौसेना से रिटायर्ड होने और पेंशनर के बाद भी उन्हें अपनी नागरिकता पर उठे इस सवाल का जवाब देते हुए अपने को देश का नागरिक होना साबित करना होगा।
चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर मतदाता सूची(SIR) ke तहत अपनी पहचान को साबित कर उसे सत्यापित करने बैठक में उपस्थित होने कहा है।
कुनाव आयोग का कहना है कि रिटायर्ड होने के बाद से वे गोवा में रह रहे है और 2002 में अंतिम बार अपडेटेड मतदाता सूची में उनका विवरण दर्ज नहीं होने से वे 'अनमैप' श्रेणी में आते हैं। इस वजह से उन्हें अपनी नागरिकता साबित करनी पड़ रही है। वही श्रीप्रकाश का कहना है कि SIR प्रपत्र यदि जानकारी नहीं जुटा रहा है तो उसमे संशोधन की जरूरत है।
" उठ रहे सवाल
पूर्व नौसेना प्रमुख का पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) और जीवन प्रमाणपत्र पहले से सरकारी देता में उपलब्ध हैं ऐसे में एसआईआर टीम को और क्या चाहिए। वही दक्षिण गोवा की जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने कहा कि ज्यादातर ऐसे मामलों में ऐसे ही कुछ दिक्कत आ रही है।
* 1971 के भारत - पाक युद्ध में निभाई थीं भूमिका :
वे 1971 में भारत - पाकिस्तान युद्ध में अपने आसिम शौर्य का प्रदर्शन करते हुए अहम भूमिका निभाई थी। जिसके लिए उन्हें वीर चक्र से भी सम्मानित किया गया था।
* मामला क्या है? जाने
भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख और वीर चक्र विजेता एडमिरल अरुण प्रकाश पिछले 20 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं। उन्हें और उनकी पत्नी को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और अपनी नागरिकता से संबंधित दस्तावेजों को सत्यापित करने के लिए कहा है।
* 'SIR' (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) क्या है?
चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए यह एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फर्जी वोटरों के नाम हटाना और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना है। अपनी वोटर आईडी को अनमैप्ड करवाना है। ऐसे में जिनका नाम 2002 की पुरानी मतदाता सूची में नहीं है, या जिनके परिवार का रिकॉर्ड पुराना नहीं मिला है, उन्हें 'unmapped' श्रेणी में डालकर नोटिस दिया जा रहा है।
* सैन्य कर्मियों का डेटा:
पूर्व नौसेना प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बलों के जवान अपनी सेवा के दौरान कई बार शहर बदलते हैं। ऐसे में उनका नाम पुरानी सूचियों में नही मिलना सामान्य है। क्या चुनाव आयोग के पास उनके सेवा रिकॉर्ड काफी नही है