MP Bus Strike: होली से पहले मध्य प्रदेश में बड़ा संकट, 2 मार्च से 29 हजार बसें बंद करने की चेतावनी, क्या होली पर घर जाना होगा मुश्किल?

2 मार्च से एमपी में बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल! होली से पहले थम सकते हैं हजारों बसों के पहिए, जानिए नई परिवहन नीति पर क्यों भड़के संचालक।

Update: 2026-02-28 06:48 GMT

भोपाल। मध्य प्रदेश में नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस ऑपरेटर्स ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल ( MP Bus Strike) पर जाने का ऐलान किया है। होली से ठीक पहले घोषित इस हड़ताल के चलते प्रदेशभर में बस सेवाएं ठप होने की आशंका है। यदि हड़ताल लागू होती है तो लाखों यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों के बस संचालक संगठनों ने नई परिवहन नीति में किए गए संशोधनों का विरोध करते हुए सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग की है। हड़ताल की घोषणा के बाद परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

कब से होगी हड़ताल?

बस ऑपरेटर्स के अनुसार, 2 मार्च 2026 की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। यह हड़ताल प्रदेशव्यापी होगी और अधिकांश निजी बसें संचालन बंद कर सकती हैं।

क्यों हो रहा विरोध?

बस ऑपरेटर्स का कहना है कि नई परिवहन नीति में कई ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं, जो उनके व्यवसाय को प्रभावित करेंगे। उनका आरोप है कि परमिट की शर्तें और अधिक सख्त की जा रही हैं. परमिट फीस और अन्य शुल्क बढ़ाए जा सकते हैं. किराया निर्धारण पर सरकारी नियंत्रण बढ़ेगा. संचालन व्यवस्था में बदलाव से निजी ऑपरेटर्स की स्वायत्तता कम होगी. ऑपरेटर्स का कहना है कि इन प्रावधानों से छोटे और मध्यम बस मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

किन संशोधनों पर आपत्ति?

बस संचालकों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • 24 दिसंबर 2025 को राजपत्र में प्रकाशित परिवहन नीति संशोधन का प्रारूप वापस लिया जाए।
  • 29 जनवरी 2026 को प्रकाशित संशोधन को पूर्ण रूप से निरस्त किया जाए।

वर्तमान में जिस व्यवस्था के तहत बस संचालन हो रहा है, उसे यथावत रखा जाए।

क्या बोले बस एसोसिएशन?

नर्मदापुरम बस एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शिवहरे ने कहा कि प्रदेशभर में बस ऑपरेटर्स नई नीति का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों और शासन स्तर पर निवेदन किया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

उनका कहना है कि यदि सरकार समय रहते निर्णय नहीं लेती है, तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रह सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि हड़ताल से यात्रियों को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी।

 होली पर बढ़ सकती है परेशानी

हड़ताल की तारीख ऐसे समय घोषित की गई है जब लोग होली के लिए अपने घरों की ओर यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। निजी बसें प्रदेश में लंबी दूरी और ग्रामीण इलाकों के लिए मुख्य परिवहन साधन हैं। ऐसे में बसों के बंद रहने से टिकटों की भारी किल्लत हो सकती है. ट्रेनों और अन्य साधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा. किराए में अस्थायी बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है. ग्रामीण यात्रियों को अधिक कठिनाई हो सकती है.

सरकार की प्रतिक्रिया?

अब तक राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, वार्ता के प्रयास जारी हैं। यदि समझौता नहीं हुआ, तो वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।

फिलहाल प्रदेशभर के यात्री हड़ताल को लेकर असमंजस में हैं। यदि सरकार और बस ऑपरेटर्स के बीच वार्ता सफल नहीं होती, तो 2 मार्च से प्रदेश की सड़क परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

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