बॉयफ्रेंड के लिए पत्नी बनी कातिल: प्रेमी के साथ मिलकर बेरहमी से की पति की हत्या, फिर बंधक बनाकर लूट की रची कहानी
Dhar Businessman Murder Case: पत्नी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। इसके बाद उसने परिवार को लूट और फिर बंधक बनाकर हत्या करने की बात कहकर गुमराह किया।
फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
धार 08 अप्रैल 2026, मध्यप्रदेश के धार जिले से सोनम रघुवंसी जैसा मामला सामने आया है, यहां सोमवार-मंगलवार की रात पत्नी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। इसके बाद उसने परिवार को लूट और फिर बंधक बनाकर हत्या करने की बात कहकर गुमराह किया। हालांकि पुलिस की पूछताछ में प्रियंका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यह घटना राजोद थाना क्षेत्र की है।
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान देवकृष्ण पुरोहित (28) के रूप में हुई है, जो कि गोंदिखेड़ा गांव का रहने वाला था। देवकृष्ण की शादी चार साल पहले महाराष्ट्र में रहने वाली प्रियंका के साथ हुई थी। मंगलवार सुबह मृतक की पत्नी प्रियंका ने परिजनों को बताया कि सोमवार की रात में उसके घर में 4 से 5 बदमाश घुसे और उसे बंधक बनाकर लूटपाट की। इस दौरान देवकृष्ण की पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रियंका ने बताया कि बदमाश अपने साथ 3 लाख के गहने और 50 हजार कैश ले गए।
कैसे हुआ मामले का खुलासा ?
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रियंका का बयान दर्ज किया और जांच पड़ताल शुरु की। शुरुआती जांच में जो सामने आया वो हैरान कर देने वाला था। प्रियंका ने जो भी बयान दिए थे, जैसे बंधक बनाना और लूटपाट करना ऐसे कोई भी सबूत नहीं मिले। शरीर पर बंधक बनाने के निशान नहीं मिले और गहने भी घर में सुरक्षित मिले, जिसके बाद पुलिस ने प्रियंका से पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
दो हिरासत में, अन्य की तलाश जारी
जांच में यह भी सामने आया कि प्रियंका का गांव के कमलेश के साथ अवैध संबंध थे। प्रियंका और देवकृष्ण के बीच अक्सर वाद-विवाद होता था। ऐसे में प्रियंका और कमलेश ने देवकृष्ण की हत्या की साजिश रची। प्लानिंग के तहत सोमवार रात में कमलेश अपने साथियों के साथ घर में आया और देवकृष्ण को कमरे में बंद कर पीट पीटकर मार डाला। फिलहाल पुलिस ने पत्नी प्रियंका समेत दो को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।
हत्या पर कौन सी धारा लगती है ?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसके तहत आरोपी को मृत्यूदंड या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।