बड़ी कामयाबी: भारत में अब 47 हुए चीते; बोत्सवाना से विशेष विमान से ग्वालियर पहुंचे नए 'मेहमान', CM मोहन यादव करेंगे स्वागत

अफ्रीका से कूनो तक 10 घंटे की उड़ान के बाद 8 चीतों की धमाकेदार एंट्री! अब कुल संख्या 47, साल के अंत तक 50 पार का लक्ष्य।

Update: 2026-02-28 07:52 GMT

मध्य प्रदेश के जंगलों में एक बार फिर रफ्तार की गूंज सुनाई देने वाली है। दक्षिणी अफ्रीका के देश Botswana से 8 चीते लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्रा तय कर शनिवार को सफलतापूर्वक Kuno National Park पहुंच गए। इनमें 6 मादा और 2 नर चीते शामिल हैं।

यह पूरी प्रक्रिया ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत बेहद सावधानी और विशेषज्ञ निगरानी में पूरी की गई।

10 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान, ग्वालियर में लैंडिंग

विशेष पिंजरों में सुरक्षित रखकर इन चीतों को बोत्सवाना से भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के जरिए भारत लाया गया। करीब 10 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान के बाद विमान ने ग्वालियर एयरबेस पर लैंडिंग की।

यहां जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया और शुरुआती स्वास्थ्य जांच के बाद टीम ने राहत की सांस ली।

हेलीकॉप्टर से कूनो की ‘रॉयल एंट्री’

ग्वालियर से कूनो तक का अंतिम सफर हेलीकॉप्टर से तय किया गया। पार्क परिसर में बने विशेष हेलीपैड पर उतरने के बाद विशेषज्ञों की टीम ने पूरी सावधानी के साथ चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में पहुंचाया।

हवाई मार्ग से यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि चीतों को सड़क के लंबे सफर और झटकों से बचाया जा सके।


 30 दिन का क्वारंटाइन, 24x7 निगरानी

लंबी यात्रा के बाद जैसे ही पिंजरों के दरवाजे खुले, चीतों ने कूनो की मिट्टी पर पहला कदम रखा। अब अगले 30 दिनों तक ये सभी चीते क्वारंटाइन में रहेंगे।

विशेषज्ञों की टीम उनकी सेहत, व्यवहार और भारतीय जलवायु के प्रति अनुकूलन की प्रक्रिया पर 24 घंटे नजर रखेगी।

 बढ़ा कूनो का कुनबा, लक्ष्य 50 के पार

इन 8 चीतों के आने के बाद कूनो में कुल चीतों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उम्मीद जताई है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा 50 के पार पहुंच जाएगा।

क्यों खास है यह मिशन?

‘प्रोजेक्ट चीता’ भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की ऐतिहासिक वापसी का प्रयास है। अफ्रीका से आई यह नई खेप इस मिशन को नई गति दे रही है।

कूनो के जंगल अब फिर से रफ्तार के इन सौदागरों की सरपट दौड़ के गवाह बनने को तैयार हैं।


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