MP News: SP साहब को इसलिए आया गुस्सा: 26 पुलिस अफसरों व मातहतों को थमा दिया नोटिस, अस्थायी एसपी को SP लिखने पर आया गुस्सा
MP News: मध्य प्रदेश के एक जिले में पदस्थ एसपी जब ट्रेनिंग पर गए तब उनकी जगह पर राज्य शासन ने अस्थायी एसपी की पोस्टिंग की थी। पोस्टिंग के दौरान जिले में पदस्थ पुलिस अफसरों व कर्मचारियों ने पत्र व्यवहार के दौरान एसपी से संबाेधित किया। यही बात एसपी टीकमगढ़ मनोहर सिंह को नागवार गुजरी। ट्रेनिंग से वापस आने और चार्ज लेने के बाद सबसे पहले प्रोटोकॉल का ध्यान ना रखने वाले 26 अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर जवाब ना देने पर,एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
MP News: टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के एक जिले में पदस्थ एसपी जब ट्रेनिंग पर गए तब उनकी जगह पर राज्य शासन ने अस्थायी एसपी की पोस्टिंग की थी। पोस्टिंग के दौरान जिले में पदस्थ पुलिस अफसरों व कर्मचारियों ने पत्र व्यवहार के दौरान एसपी से संबाेधित किया। यही बात एसपी टीकमगढ़ मनोहर सिंह को नागवार गुजरी। ट्रेनिंग से वापस आने और चार्ज लेने के बाद सबसे पहले प्रोटोकॉल का ध्यान ना रखने वाले 26 अधिकारियों व कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर जवाब ना देने पर,एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
अस्थायी एसपी को प्रभारी ना लिखकर सीधे एसपी लिखकर पत्र व्यवहार करना टीकमगढ़ जिले के दो दर्जन से ज्यादा पुलिस अफसरों व कर्मचारियों को अब भारी पड़ने लगा है। दरअसल टीकमगढ़ जिले के एसपी मनोहर सिंह मंडलोई 1 से 26 दिसंबर तक राज्य शासन के निर्देश पर ट्रेनिंग के लिए गए थे। उनके ट्रेनिंग पीरिएड के दौरान राज्य शासन ने शिवपुरी की 18वीं वाहिनी के सेनानी आलोक कुमार को टीकमगढ़ एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए पत्र जारी किया था। राज्य शासन के निर्देश पर आलोक कुमार ने कामकाज प्रारंभ किया। 26 दिनों तक आलोक कुमार ने जिले की कानून व्यवस्था संभाली। इस दौरान जरुरी दिशा निर्देश के संबंध में एसपी कार्यालय से विभागों व विभिन्न विभागों से एसपी कार्यालय पत्र व्यवहार किया गया। जिले के अलग-अलग थानों व विभाग से एसपी कार्यालय लिखे पत्र में अधिकारियों व पुलिस कर्मियों ने आलोक कुमार को एसपी से संबाेधित किया था। जारी आधिकारिक पत्र में आलोक कुमार को एसपी पदनाम से संबाेधित करना एसपी मंडलोई की नाराजगी बढ़ा दी। ट्रेनिंग से वापस आने और विधिवत चार्ज लेने के बाद उनकी गैरमौजूदगी में हुए पत्र व्यवहार पर जब उनकी नजर पड़ी और आलोक कुमार को प्रभारी एसपी के बजाय सीधे एसपी लिखने को लेकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। नाराज एसपी ने जिन 26 अधिकारियों व पुलिस कर्मचारियों ने विभागीय कामकाज के सिलसिले में एसपी कार्यालय पत्र व्यवहार किया था, उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में तीन दिन के भीतर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। नोटिस में यह भी चेतावनी दी है कि जवाब पेश ना करने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिस अफसर व कर्मचारियों को मिला नोटिस
कनक सिंह चौहान, कैलाश पटेल, भागीरथ प्रजापति, रामाचार त्रिपाठी, रत्नेश तिवारी, मयंक नगाइच, एसएस हसन, अंकित खरे, लक्ष्मीकांत कड़ा, गौरव घोष, उमाशंकर विश्वकर्मा, विवेक त्रिपाठी, मीनू दुबे, महेश साहू, प्रमोद शर्मा, उमाकांत तिवारी, चंद्रभान रैकयार, नजमा खान, गीता भट्ट, राकेश मिश्रा, माया जैन, अजय मिश्रा, प्रफुल्ल मिश्रा, रानू विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, विभा खरे और ज्ञानेन्द्र रजक।