मध्य प्रदेश में परिवहन संकट! 2 मार्च से बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, लाखों यात्रियों पर असर
MP में 2 मार्च से निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल। नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटरों का बड़ा फैसला, जानें आम जनता पर क्या होगा असर।
भोपाल। मध्य प्रदेश में 2 मार्च से सार्वजनिक परिवहन पर बड़ा असर पड़ सकता है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटरों और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने राज्य सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है।
संगठनों का कहना है कि पिछले साल 24 दिसंबर को जारी नई परिवहन नीति निजी बस ऑपरेटरों के हितों के विपरीत है। उनका आरोप है कि सरकारी बस सेवा को दोबारा शुरू करने, किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी और टैक्स में इजाफे से निजी संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। कई छोटे ऑपरेटर कारोबार बंद करने की स्थिति में आ जाएंगे।
कब से और कहाँ असर?
बस ऑपरेटर संघों के अनुसार हड़ताल 2 मार्च की सुबह से लागू होगी। इसका असर राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत सभी संभागों में दिख सकता है। ग्रामीण और जिला स्तर की बस सेवाएं भी प्रभावित होने की संभावना है।
क्यों हो रहा है विरोध?
बस ऑपरेटरों का आरोप है कि नई परिवहन नीति में:
- परमिट और टैक्स संरचना में बदलाव
- फिटनेस, रजिस्ट्रेशन और शुल्क में बढ़ोतरी
- रूट निर्धारण में सख्ती
- निजी बसों के संचालन पर अतिरिक्त नियम
इन प्रावधानों से छोटे और मध्यम बस मालिकों की लागत बढ़ेगी। उनका कहना है कि पहले से डीजल की कीमत, बीमा और मेंटेनेंस खर्च बढ़ा हुआ है, ऐसे में नई शर्तें आर्थिक रूप से नुकसानदायक हैं।
सरकार का पक्ष
परिवहन विभाग का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, अनियमित संचालन पर रोक, यात्री सुविधा और पारदर्शिता में सुधार. सरकार का दावा है कि नीति से लंबी अवधि में यात्रियों को लाभ होगा और अव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुधरेगी.
आम जनता पर क्या असर?
अगर हड़ताल लंबी चली तो:
- रोज़ाना ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को दिक्कत
- छात्रों की परीक्षा और कॉलेज उपस्थिति प्रभावित
- ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन ठप
- शादी-ब्याह और पारिवारिक कार्यक्रमों पर असर
- किराया बढ़ने की भी आशंका
- रेल और निजी वाहनों पर दबाव बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि बस ऑपरेटर संगठनों ने सरकार से तत्काल वार्ता की मांग की है। यदि समझौता नहीं हुआ तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रखने की चेतावनी दी गई है।