रहमान डकैत ने जितनी गंदी मौत नहीं दी, उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा सरकार ने इंदौर के लोगों को दी: नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष ने बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर' में कलाकार अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए किरदार ‘रहमान डकैत' का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने फिल्म में लोगों को जितनी गंदी मौत नहीं दी, ‘उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी'.
MP Vidhan Sabha Budget Session 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Vidhan Sabha) के बजट सत्र (Budget Session) का दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने चालू वित्तीय वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट 19 हजार 287 करोड़ 32 लाख रुपये का पेश किया. जिस पर 23 फरवरी को चर्चा होगी. इसके साथ आर्थिक सर्वेक्षण भी सदन में रखा गया. इसके साथ ही प्रश्नकाल में सदन में विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा.
विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई लेकिन इस गंभीर मामले में भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है. उन्होंने इंदौर दूषित कांड मामले में विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि नैतिक आधार पर उन्हें तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए.
सिंघार ने कहा, ‘‘जो जिम्मेदार मंत्री हैं, वह कुर्सी पर बैठे हुए हैं और इंदौर की जनता श्मशान घाट जा रही है. हमारी मांग स्पष्ट है. या तो मुख्यमंत्री उनसे इस्तीफा लें या फिर मुख्यमंत्री खुद इस्तीफा दें.'' उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार से रहमान डकैत ने जितनी गंदी मौत नहीं दी, उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी है.''
नेता प्रतिपक्ष ने बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर' में कलाकार अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए किरदार ‘रहमान डकैत' का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने फिल्म में लोगों को जितनी गंदी मौत नहीं दी, ‘उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी'.
सिंघार ने इंदौर प्रकरण के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष की ओर से विधानसभा में इस मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराने से भाग रही है. उन्होंने कहा, ‘‘इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह संघर्ष जारी रखेगी.''
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का संकल्प
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन में अशासकीय संकल्प लाते हुए कहा कि गाय हिंदू आस्था का प्रतीक होने के कारण उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने चमड़े के व्यापार को बंद करने और मृत गायों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की मांग भी उठाई. बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया और कहा कि इस तरह के मुद्दे राजनीतिक रंग देने का प्रयास हैं.
गाय के मुद्दे पर रामेश्वर शर्मा का बयान, सदन में फिर हंगामा
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के मुद्दे पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज मस्जिदों में इसका संकल्प करे तो गाय अपने आप राष्ट्रीय पशु बन जाएगी. गौ माता को काटने वाला कसाई कौन है. जिस दिन मस्जिद में नमाज हो और अल्लाह की कसम खाकर सारे मुसलमान तय कर दे कि किसी भी कीमत में गाय नहीं काटने दी जाएगी. कोई में माई का लाल गाय को हाथ नहीं लगा सकता. मस्जिदों में मौलवियों से भी इस बारे में बात करो. उनके बयान पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई.
आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर तीखी बहस
सदन में सबसे अधिक हंगामा स्ट्रीट डॉग्स के मुद्दे पर हुआ. विधायक आतिफ अकील के ध्यानाकर्षण पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा: भोपाल में 80,000 से अधिक कुत्तों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं. अब तक 5 लाख कुत्तों को रेबिज टीकाकरण किया गया. नसबंदी की संख्या पिछले वर्षों में 9,291 से बढ़कर 21,426 तक पहुंची. विजयवर्गीय ने कहा कि “सदियों से कुत्ता मानव का साथी रहा है, लेकिन लापरवाही से हालात बिगड़े हैं.” बहस के दौरान कई तीखी टिप्पणी भी हुई. भाजपाई विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा-अब कुत्ते भी आतंकवादी हो रहे हैं.
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने व्यंग्य में कहा कि आज पता चला कि कुत्तों के प्रभारी विजयवर्गीय हैं. राजन मंडलोई ने आरोप लगाया कि नसबंदी केवल कागजों पर हो रही है और कई जिलों में बच्चों पर कुत्तों के हमले बढ़े हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि नसबंदी क्षमता बढ़ाने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को बुलाने की योजना है.
आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण पर सवाल, सेना पटेल ने सरकार को घेरा
कांग्रेस विधायक सेना पटेल ने आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की धीमी गति पर नाराज़गी जताई. उन्होंने कहा कि कई गांवों का संपर्क टूट चुका है, पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हैं, सड़कें जर्जर हैं, जिसके कारण गर्भवती महिलाएं अस्पताल नहीं पहुंच पातीं और बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने जवाब में कहा कि पहला चरण अलीराजपुर–झाबुआ जिलों में पूरा किया जा चुका है, लगभग 500 गांव जुड़ चुके हैं, शेष गांवों को दूसरे चरण में जोड़ा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार पंचायतों के लिए स्वीकृत धनराशि से कनेक्टिविटी गैप को भरने का प्रयास किया जा रहा है.
सरकारी नियुक्तियों पर प्रश्न, विभाग ने कहा-डेटा संधारित नहीं
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने रोजगार विभाग से सरकारी नियुक्तियों की विस्तृत जानकारी मांगी. मंत्री गौतम टेटवाल ने लिखित उत्तर में कहा कि शासकीय पदों पर नियुक्तियों का डेटा विभाग द्वारा संधारित नहीं किया जाता. इस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और पारदर्शिता पर सवाल उठाए.